अब गोवा में कांग्रेस को तगड़ा झटका, 10 विधायक बीजेपी में हुए शामिल

Spread the love

पणजी । कर्नाटक का सियासी ड्रामा अभी खत्म भी नहीं हुआ कि गोवा में शुरू हो गया है। कर्नाटक में संकट में घिरी कांग्रेस को गोवा में भी तगड़ा झटका लगा है। बुधवार को यहां कांग्रेस के 10 विधायक अचानक विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर से मिलने पहुंच गए। इसके बाद वे सभी बीजेपी में शामिल हो गए। गोवा के डेप्युटी स्पीकर माइकल लोबो ने इसकी पुष्टि भी कर दी है।

लोबो ने कहा, ‘संविधान की अनुसूची 10 के तहत उन्होंने विलय किया है। कावलेकर (चंद्रकांत कावलेकर) के नेतृत्व में 10 विधायक जो पहले विपक्ष के नेता थे, बीजेपी में शामिल हो गए हैं।’ गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कांग्रेस के सभी 10 बागी विधायकों से मुलाकात कर उन्हें बीजेपी में शामिल कराया। सावंत ने मीडिया से बातचीत में कहा इन सभी विधायकों ने बिना किसी शर्त के बीजेपी में आने का फैसला किया है। उनका कहना था कि यह विधायक अपने इलाकों के विकास को ध्यान में रखते हुए बीजेपी के साथ आए हैं।

उधर, कावलेकर ने भी बीजेपी में शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा, ‘हममें से 10 विधायकों ने ने आज बीजेपी जॉइन कर ली। हमने ऐसा सिर्फ इसलिए किया कि यहां सीएम अच्छा काम कर रहे हैं। मैं विपक्ष का नेता था, इसके बावजूद हमारे निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो सका। अकेली सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद हम सरकार नहीं बना सके।’

कावलेकर ने आगे कहा, ‘अगर कोई विकास नहीं हुआ तो अगली बार लोग हमें कैसे चुनेंगे? वे (कांग्रेस) अपने किए गए वादों को पूरा नहीं कर सके। सरकार बनाने के कई अवसर थे लेकिन कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच एकता की कमी के कारण ऐसा नहीं किया जा सका। इसलिए हमने ऐसा किया।’

सीएम सावंत की रही है अहम भूमिका
बताया जाता है कि कांग्रेस में इस टूट के पीछे सीएम सावंत की अहम भूमिका रही है। चर्चा है कि सावंत ही इन लोगों के लगातार संपर्क में थे। बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों में नेता प्रतिपक्ष कावलेकर के अलावा बाबूस मोनसेरात, उनकी पत्नी जेनिफर मोनसेरात, फ्रांसिस सिल्वरिया, फिलिप नेरी रॉड्रिक्स, नीलकांत हालरंकर, क्लियोफेसियो दियाज़, विलफ्रेड डीज़ा वह इसीडोर फर्नांडिस व अलेक्सियो लॉरेंसको शामिल है। वहीं कांग्रेस के बचे हुए विधायकों में प्रतापसिंह राणे, रवी नाईक, दिगंबर कामत, लुज़ियन्हो फलेरियो व रैगिनाल्द हैं। सूत्रों के मुताबिक, गोवा में हुए इस सियासी घटनाक्रम के बारे में बीजेपी के मंत्रियों सहित सहयोगी दलों को इसकी भनक नहीं थी।

पीएम मोदी और शाह से गुरुवार को करेंगे मुलाकात
उधर, बीजेपी जॉइन करने के बाद कांग्रेस के सभी विधायक बुधवार रात ही दिल्ली के लिए रवाना हो गएहैं। वहां गुरुवार को उनकी मुलाकात पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से होनी है। गोवा में बुधवार को 40 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर से मुलाकात की। इसके बाद यहां भी सियासी ड्रामा शुरू हो गया। विधायकों में विपक्ष के नेता चन्द्रकांत कावलेकर भी शामिल थे।

‘वन नैशन वन पार्टी का प्रयास कर रही बीजेपी’
उधर, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष गिरीश चोडांकर ने कहा, ‘बीजेपी ने कांग्रेस के 10 विधायकों को अपने खेमे में शामिल करके सूबे में अपने गठबंधन सहयोगी और खुद पार्टी के भीतर की असुरक्षा का परिचय दिया है। वे (बीजेपी) वन नैशन वन इलेक्शन नहीं बल्कि वन नैशन वन पार्टी का प्रयास कर रहे हैं।’

गोवा में बीजेपी के 17, कांग्रेस के पास 15 विधायक
विधायकों की अध्यक्ष से मुलाकात के तुरंत बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी विधानसभा पहुंचे। इससे अटकलों का बाजार और गरम हो गया। बता दें कि गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 17, कांग्रेस के 15, जीपीएफ के 3, एमजीपी का एक, एनसीपी के दो और 2 निर्दलीय विधायक हैं।

कर्नाटक में बागी विधायक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
उधर, कर्नाटक का राजनीतिक घटनाक्रम बेहद नाटकीय हो गया है। कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर दस्तक दी है। इन विधायकों का आरोप है कि विधानसभा स्पीकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं और जानबूझकर उनके इस्तीफे को स्वीकार करने में समय ले रहे हैं। बागी विधायकों ने यह कदम उस समय उठाया, जब मंगलवार को विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कहा कि 13 बागी विधायकों के इस्तीफ के मामले के लिए उन्हें कम से कम 6 दिन की जरूरत है। इससे कांग्रेस-जेडीएस को रणनीति बनाने का समय मिल सकता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *