संसद के बजट सत्र से पहले NDA की बैठक, पीएम नरेंद्र मोदी ने बनाई यह रणनीति

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार सरकार बनने के बाद संसद का पहला सत्र 17 जून से शुरू हो रहा है. भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं की रविवार को बैठक हुई. पीएम मोदी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में संसद सत्र के लिए रणनीति, सुचारू संचालन और सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की गई.

बैठक में एनडीए के नेताओं ने इस सत्र के लिए रणनीति को अंतिम रूप दिया. गौरतलब है कि आगामी सत्र में 4 जुलाई को आर्थिक सर्वेक्षण और 5 जुलाई को बजट से पहले कई महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाने हैं. इनमें तीन तलाक, केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) विधेयक 2019, आधार और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2019 आदि विधेयक शामिल हैं. मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को दंडनीय अपराध बनाता है, जिसकी वजह से पिछली बार सरकार को विपक्षी दलों की आपत्तियों का सामना करना पड़ा था.

बैठक में इन नेताओं ने की शिरकत

एनडीए नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, रेल मंत्री पीयूष गोयल, रामदास अठावले, अनुप्रिया पटेल समेत अन्य नेताओं ने शिरकत की.

सोनिया गांधी से आवास पर संसदीय कार्य मंत्री ने की थी मुलाकात की

संसदीय सत्र की शुरुआत से पहले सरकार ने संसद के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों का सहयोग प्राप्त करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए थे. सरकार ने सत्र की शुरुआत के एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई, वहीं संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 14 जून को कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात की थी. जोशी ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और द्रमुक के लोकसभा सदस्य टीआर बालू से भी मुलाकात कर संसद के सुचारू संचालन में सहयोग मांगा था. इस दौरान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और अर्जुन राम मेघवाल भी उनके साथ थे. जोशी ने सोनिया के साथ बैठक को सौहार्दपूर्ण बताया था.

राज्यसभा में ताकतवर है विपक्ष

अकेले दम पर 303 सीटें जीतकर लोकसभा चुनाव में बहुमत का जादुई आंकड़ा पार करने वाली भारतीय जनता पार्टी और उसके नेतृत्व वाला एनडीए निचले सदन में मजबूत है. लोकसभा में एनडीए के 353 सांसद हैं, वहीं राज्यसभा में सिर्फ 102. उच्च सदन में विपक्षी दल ताकतवर हैं. ऐसे में राज्यसभा में सत्ताधारी दल के लिए विपक्ष का सहयोग जरूरी है.

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