मुंबई बिल्डिंग हादसा: पीएम मोदी ने जताया दुख, प्रियंका गांधी ने पूछा सवाल- क्यों समय रहते एक्शन नहीं लिया जाता?

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नई दिल्ली।  दक्षिण मुंबई के डोंगरी क्षेत्र में चार मंजिल की एक इमारत के ढहने से 4 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इमारत के मलवे में 12 अन्य परिवार भी फंसे हुए हैं. केसरबाई इमारत सुबह लगभग 11.30 बजे ढह गई. मुंबई इमारत सुधार और पुनर्निर्माण बोर्ड (एमबीआरआरबी) के चेयरमैन विनोद घोसालकर ने कहा कि लगभग 80 साल पुरानी मानी जा रही जर्जर इमारत की मरम्मत का काम बी.एस.बी. डेवलपर्स को दिया गया था, जिसने अभी तक काम शुरू नहीं किया था. उन्होंने कहा, “यह गंभीर मामला है और हम इसकी जांच करेंगे कि मरम्मत कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ था और इसमें किस कारण से देरी हो रही थी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.” वहीं इस हादसे पर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा भी दुख प्रकट किया गया है. पीएमओ के ट्विटर हैंडल द्वारा लिखा गया कि मुंबई के डोंगरी में बिल्डिंग गिरने का हादसा बेहद पीड़ादायक है. मैं पीड़ित परिवारों के प्रति शोक प्रकट करता हूं. उन्होंने लिखा महाराष्ट्र सरकार, एनडीआरएफ, और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा रही है.

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए लिखा कि मुंबई में चार मंजिला इमारत में फंसे लोगों की सकुशलता की प्रार्थना करती हूं. मेरी संवेदनाएं दुखी परिवारों के साथ हैं. उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि राहत और बचाव कार्य में मदद करें. प्रियंका ने सवाल उठाते हुए कहा कि हाल में घटी ये तीसरी घटना है, आखिर क्यों समय रहते इस पर कुछ एक्शन नहीं लिया जाता है.

इसके अलावा मिलिंद देवड़ा ने भी महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने लिखा कि डोंगरी में गिरी पुरानी बिल्डिंग रहने के लिए असुरक्षित घोषित की गई थी. उसके बावजूद वहां पर लोग रह रहे थे. हर बार का यही घटनाक्रम होता है और सरकार 1- 2 लोगों को बर्खास्त करके अपनी जिम्मेदारी से बच निकलती है. क्या मुंबई में लोगों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है? मिलिंद देवड़ा ने महाराष्ट्र सरकार से अपील की कि जर्जर इमारतों की तत्काल समीक्षा कर उनमें रह रहे लोगों के लिए ट्रांजित आवाज का इंतजाम करना चाहिए. यह मानसून से पहले होना चाहिए था लेकिन अब तुरंत किया जाए.

इसके अलावा उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने भी इस घटना पर दुख जाहिर किया, उन्होंने लिखा कि मुंबई में हुई घटना से स्तब्ध हूं. हताहत नागरिकों और उनके परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं.

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