पाना है डैंडरुफ़ से निजात , तो अपनाए आयुर्वेद …

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बालों की समस्याएं सिर्फ महिलाओं में ही नहीं बल्कि पुरूषों में भी देखने को भी मिलती है। डैंड्रफ के ज्यादा बढ़ जाने पर चेहरे, माथे, गर्दन और पीठ आदि पर एक्ने की समस्या भी हो सकती है। शुरूआत में यह स्कॉल्प की ऊपरी परत पर होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह इसकी भीतरी तहों तक पहुंच जाती है।रअसल, डैंड्रफ हमारे सिर की त्वचा में स्थित मृत कोशिकाओं से पैदा होती है।  डैंड्रफ से सिर में खुजली रहती है और बाल गिरने लगते हैं।

बालों की ठीक तरह से सफाई न करना, बालों को सही पोषण न मिलना या फिर बालों में तेल न लगाने से डेंड्रफ हो सकती है। अधिक तनाव या पसीने के कारण भी ये समस्या पनप सकती है।डैंड्रफ का कोई पुख्ता कारण मौजूद नहीं है, लेकिन सीबम उत्पन्न करने वाली ग्रंथियों के ज्यादा सक्रिय होने की वजह से डेंड्रफ होता है। कम पानी पीने या फिर भोजन में पोषक तत्वों की कमी के कारण भी डेंड्रफ हो सकता है।युवावस्था में अधिक मात्रा में हॉर्मोंन्स रिलीज होने से भी डैंड्रफ हो सकती है।

डैंड्रफ की समस्या होने पर स्कॉल्प की सफाई का ध्यान रखना आवश्यक है। इसीलिए सप्ताह में दो-तीन बार अच्छा हर्बल शैंपू करना चाहिए और बालों को अच्छी तरह से कण्डीशनिंग करनी चाहिए।रोज रात को बालों की जड़ों में सरसों के तेल से मालिश कीजिए। सुबह शिकाकाईसु पानी में उबाल कर उस पानी से बाल धो लें एंटी-डेंड्रफ हर्बल शैंपू का इस्तेमाल डैंड्रफ को कम करने में उपयोगी होता है या फिर विटामिन ई ऑयल से स्कॉप्ल की मालिश की जा सकती है।ग्लीसरीन और गुलाब जल को रोज बालों की जड़ों में लगाने से ये समस्या दूर हो सकती है।

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