आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में कोहली की सेना में सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी रोहित और शिखर की …

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आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में कोहली की सेना में सबसे बड़ी जिम्मेदारी टीम के दोनों ओपनर्स रोहित शर्मा और शिखर धवन पर रहने वाली है. टीम को मजबूत शुरुआत मिलती है तो इंग्लैंड के हाई स्कोरिंग पिचों पर बड़े स्कोर बनाने में मदद मिलेगी.

दोनों की जोड़ी वनडे क्रिकेट में कमाल की रही है. धवन विदेशी पिचों पर बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हैं इसलिए बाएं हाथ के इस बल्लेबाज पर सबकी नजरें होंगी. वनडे इंटरनेशनल रैंकिंग में 13वें नंबर पर काबिज हैं.

5 दिसंबर 1985 को जन्मे शिखर धवन भारत के लिए तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी-20) में खेलते हैं. धवन बाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज हैं. वो ‘बॉल देखो और मारो’ की फिलॉसफी में भरोसा रखते हैं. साथ ही वो अपना अगला पांव आगे निकालकर कवर ड्राइव लगाने में माहिर हैं.

2013 के चैंपियंस ट्रॉफी में धवन ने खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने 5 मैचों में दो शतक और एक अर्धशतक की मदद से 363 रन बनाए थे और गोल्‍डन बैट अवॉर्ड जीता था. उनका औसत 90.75 का रहा था.

2013 के बाद 2017 में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी में भी धवन का जलवा बरकरार रहा. धवन ने इस टूर्नामेंट में भी 317 रन ठोके थे, जिसमें उनका एक शतका और दो अर्धशतक शामिल था.

शिखर धवन- प्रोफाइल

1. उम्र- 33 वर्ष

2. प्लेइंग रोल- ओपनर बल्लेबाज

3. बैटिंग – बाएं हाथ के बल्लेबाज

4. बॉलिंग – दाएं हाथ के ऑफब्रेक गेंदबाज

5. ओवरऑल वनडे इंटरनेशनल में प्रदर्शन – शिखर धवन ने भारत के लिए अब तक 128 वनडे मैच खेले हैं. धवन ने 44.62 की औसत से 5709 रन बनाए हैं. वनडे में धवन का बेस्ट प्रदर्शन 143 रन की पारी रही है.

6. वर्ल्ड कप- शिखर धवन 2015 के वर्ल्ड कप टीम में भी थे. उन्हें 2015 के टूर्नामेंट में दो शतक लगाकर टीम को फाइनल में पहुंचने में अहम भूमिका निभाई थी. वो इस टूर्नामेंट में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे. उन्होंने वर्ल्ड कप के 8 मैचों में 412 रन बनाए थे. इस प्रकार टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में धवन 5वें नंबर पर थे.

7. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सफर-  धवन ने 20 अक्टूबर 2010 को विशाखापट्टनम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए वनडे मैच से अपने वनडे कैरियर की शुरुआत की, लेकिन पहले ही मैच में बिना खाता खोले पवेलियन लौटने के कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा. इसके बाद उन्हें अगली सीरीज में भी टीम में जगह नहीं मिली.

धवन को 2011 में एक बार फिर टीम में जगह मिली. लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए 4 मैचों में उन्होंने कुल 69 रन ही बनाए. इस खराब प्रदर्शन के बाद एक बार फिर उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

हालांकि, धवन ने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की टीम  से खेलते हुए जमकर रन बनाए. परिणाम स्वरूप 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्हें टीम में शामिल कर लिया गया. धवन ने इस मौके को लपक लिया. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 174 गेंदों में 187 रनों की पारी खेलकर सनसनी फैला दी थी. उनकी इस पारी के कारण चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में उन्हें शामिल कर लिया गया. यहां भी उन्होंने दो  शतक लगाकर टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर ली.

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