बुंदेलखंड में पानी की कमी की वजह से 400 लोगों ने किया पलायन

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दमोह। बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की कमी की वजह से करीब 400 लोगों ने अपना गांव छोड़ दिया है. हर साल सूखे की मार झेलने वाले बुंदेलखंड के इस इलाके के लोगों ने अपना गांव छोड़कर जबलपुर का रूख कर लिया है. मामला मध्य प्रदेश के दमोह जिले का है. यहां पंजहीरी नाम के गांव के करीब 400 लोग गांव को छोड़कर जबलपुर जिले में विस्थापित हो चुके हैं. गांव से पलायन की वजह सूखे की मार है. यहां के लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है.

लोगों का कहना है कि पंजहीरी गांव में अप्रैल महीने की शुरुआत से ही सूखे के हालात बनने लगे थे. गांव के आसपास के तमाम जलाशयों में भी पानी का स्तर घटने लगा था. मई आते- आते गांव में पानी का स्तर बेहद कम हो गया और यहां पर लगे तीन ट्यूबवेल भी सूख गए. स्थानीय आंकड़ों के मुताबिक पंजहीरी गांव में केवल तीन हैंडपंप हैं. इन सभी से पानी नहीं आ रहा है और गांव में सूखे के हालात बन गए. जिसके कारण गांव के तमाम लोगों ने अपने घरों के छोड़कर जबलपुर का रुख कर लिया. ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में अब सिर्फ वही लोग रह रहे हैं जो कि किसी और जगह पर नहीं जा सकते.

किमी दूर मिलता है पानी-

स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के लोगों को पानी के लिए 8 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. जिसकी वजह से यहां जीवन काफी मुश्किल हो गया है. महिलाओं का कहना है कि भीषण गर्मी में इतनी दूर जाकर पानी लाना बेहद मुश्किल है. मटके को चिलचिलाती धूप में गांव तक लेकर आने के अलावा उनके पास कोई और रास्ता नहीं है.

सूखे की चपेट में 100 गांव

सूखे की यह स्थिति सिर्फ पंजहीरी गांव में ही नहीं बल्कि इस पूरे इलाके में है. दमोह के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में कुल 181 गांव हैं. इस ब्लॉक में ही पंजहीरी के अलावा करीब 100 से अधिक गांव पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. इस इलाके में लोगों को 2-3 किमी दूर जाकर एक बाल्टी पानी मिल पाता है. जबलपुर की पाटन तहसील के पास स्थित पंजहीरी में मुख्य रूप से दलित और पिछड़ी जातियों के लोग रहते हैं.

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