कमलनाथ सरकार के 6 महिने पूरे, जनता के बीच जाकर विधायक करेंगें कामों का बखान

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भोपाल।17 जून को मुख्यमंत्री कमलनाथ के 06 माह पूरे हो रहे है। इन 06 माह में हमें सिर्फ 03 माह काम करने के मिले। आचार संहिता के चलते हम ज्यादा काम नही कर पाए, लेकिन जो दिन मिले हमने उन दिनों में मुख्यमंत्री के या फिर वचन पत्र हो उसमें लिखे ज्यादा से ज्यादा वचन पूरे किए।सी एम कमलनाथ ने पद संभालते ही किसानों का कर्ज माफ किया।इस महीने के आखरी तक किसानों के ऋण माफी होनी है। इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक 55 लाख किसानों का कर्जमाफी नही हो जाता। यह बात आज  जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।

मंत्री ने कहा कि 17 जून को सभी जिलों में विधायक या कांग्रेस जिला अध्यक्ष जनता के बीच जाकर सीएम कमलनाथ के कामो को उनके वचनों को बताएंगे।21 लाख किसानों के कर्ज माफी की जानकारी देंगें। किसानों का ऋण माफी एहसान नही है। बल्कि इसे उसकी खरीदारी की क्षमता बढ़ती है। मध्य प्रदेश में 70 प्रतिशत लोग इससे जुड़े है।जल संरक्षण को लेकर ट्रस्ट बनाया जा रहा है। पुरानी नदियों के संरक्षण को लेकर ट्रस्ट बनाया जाएगा।मंत्री ने कहा कि सभी 52 जिलों में एयर पट्टी बनेगी। अरबों रुपया खर्च हो गया लेकिन निवेश नहीं आया हम पूरे प्रदेश में छिंदवाड़ा मॉडल लागू करेंगे।

भोपाल बलात्कार कांड के पीछे बीजेपी की साजिश 

मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार ने दो लाख करोड़ के कर्ज लिया था, केंद्र योजनाओं का अंश सबसे आखिर में देता है। केंद्र से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। वही पीसी शर्मा ने शिवराज पर तंज कसते हुए कहा कि बलात्कार पर शिवराज धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, मुहल्ला समिति बना रहे हैं, 15 साल सरकार में रहे तब क्यों नहीं बनाई समितियां, शिवराज नौटंकी कर रहे है, सौ सौ चूहे खा कर बिल्ली हज को चली, हमें शक है कि कहीं भोपाल बलात्कार कांड में साजिश तो नहीं हुई। मांडवा बस्ती में बलात्कार के आरोपी को मकान किराए पर देने वाले बीजेपी के कार्यकर्ताओं थे, हम इस एंगल पर भी जांच करवा रहे हैं।

नीति आयोग की बैठक में सीएम ने उठाया किसानों का मुद्दा

वही मंत्री ने बताया कि शनिवार को दिल्ली में हुई नीति आयोग की बैठक में सीएम कमलनाथ ने किसानों का मुद्दा उठाया था । सीएम ने किसानों के हित को लेकर चर्चा की। नदियों के पुनरुद्धार ,भोपाल को इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के साथ साथ  फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने भी मांग की गई। आयात निर्यात की नीति में संशोधन किया जाए। जो भी बात बैठक में की गई सिर्फ और सिर्फ किसानों के हित से जुड़ी रही।

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