रादुविवि के नकल विहीन परीक्षा के दावे खोखले, जानिए क्या है कारण

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जबलपुर/छिंदवाड़ा। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के जिले के सम्बद्ध कॉलेजों में नकल विहीन परीक्षा कराने के दावे खोखले नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि बीते एक माह से स्नातक पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा विभिन्न कॉलेजों में ली जा रही है। परीक्षाएं अब समाप्ति की ओर हैं, इसके बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन नहीं किया गया। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय द्वारा जिले के लीड कॉलेज को फ्लाइंग स्क्वॉड गठन करने के लिए पत्र जारी किया जाता है। इसके पश्चात जरूरत के हिसाब से लीड कॉलेज फ्लाइंग स्क्वॉड टीम गठित करता है। विश्वविद्यालय द्वारा इस बार रुचि न दिखाए जाने से परीक्षा केंद्रों पर फ्लाइंग स्क्वॉड नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में जिले के कई कॉलेजों में नकल होने की शिकायत सामने आ रही है।

भुगतान न होना बन रही वजह 
विश्वविद्यालय द्वारा फ्लाइंग स्क्वॉड को परीक्षा केंद्र में नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए भुगतान किया जाता है। यह फीस विश्वविद्यालय विद्यार्थियों से ही वसूलती है। परीक्षा फीस में ही यह जुड़ा रहता है। कॉलेज विद्यार्थियों से फीस लेकर विश्वविद्यालय को देती है। सूत्रों की मानें तो प्राध्यापक फ्लाइंग स्क्वॉड में शामिल होने में भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि पहले विश्वविद्यालय भुगतान करे। इसके पश्चात ही वह फील्ड में जाएंगे।

पत्र नहीं मिला 
जिले के लीड कॉलेज प्राचार्य डॉ. यूके जैन का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा फ्लाइंग स्क्वॉड गठन के लिए हर बार पत्र जारी किया जाता है। इस बार पत्र न मिलने से दल का गठन नहीं किया गया। चार लोगों की टीम दो ग्रुपों में परीक्षा केंद्र पर निरीक्षण के लिए भेजी जाती थी।

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