जागरूकता फैलाने का सबसे बेहतर माध्यम है रेडियोः पुष्पेंद्र पाल सिंह

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भोपाल। रेडियो ने अभी तक लंबा और महत्वपूर्ण सफर तय किया है और वर्तमान समय में भी संचार माध्यम के रूप में रेडियो की प्रासंगिकता बनी हुई है। आज के दौर में भी रेडियो लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का सबसे बेहतर माध्यम है। रेडियो एक ऐसा माध्यम है जिसकी भौगोलिक रूप से देश के 99 प्रतिशत हिस्से में पहुंच है और इसने देश के सामाजिक विकास और परिवर्तन में महत्वूपर्ण भूमिका निभाया है। ये बातें मध्य प्रदेश ‘माध्यम’ में ओएसडी पुष्पेंद्र पाल सिंह सिंह ने पीआईबी, शोध पत्रिका ‘समागम’ एवं पब्लिक रिलेशंस सोसायटी, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में 16 फरवरी 2019  को पीआईबी के सभागार में ‘रेडियोः कल, आज और कल’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि रेडियो बहुत ही सस्ता, सुगम और सरल माध्यम है। श्री सिंह ने कहा कि समय के साथ रेडियो का दौर भी बदलता रहा और जब कभी भी यह लगा कि रेडियो अब तो बीते दिनों की बात हो जाएगी, तभी रेडियो एक नए अवतार में सामने आया और अपनी प्रासंगिकता साबित की। उन्होंने कहा कि कम्यूनिटी रेडियो एक लोकतांत्रिक रेडियो है और इसके जरिए लोग अपनी भाषा में अपनी बात अपने लोगों के बीच कह रहे हैं। कार्यक्रम में सबसे पहले पुलवामा हमले में शहीद हुए वीर जवानों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

शोध पत्रिका समागम के संपादक मनोज कुमार ने कहा कि रेडियो का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि आज का दौर कम्यूनिटी रेडियो का दौर है और मध्य प्रदेश में मौजूदा दौर में 9 कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन काम कर रहे हैं और जनता के बीच विकासपरक पत्रकारिता को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने इस बात जोर दिया कि रेडियो प्रसारण में भाषा की सौम्यता बनी रहनी चाहिए।

बिग एम की रेडियो जॉकी अनादि ने कहा कि आज के एफएम रेडियो पर मार्केट का दबाव काफी अधिक है। सच कहें तो आज के एफएम के दौर में 20 फीसदी रेडियो है और 80 फीसदी मार्केट है। पर इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि युवाओं में एफएम चैनल्स काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा कि आज के रेडियो कार्यक्रमों में फन का एलिमेंट ज्यादा है।

भारतीय सूचना सेवा के पूर्व अधिकारी विनोद नागर ने आकाशवाणी समाचार में बिताए अपने दिनों को याद किया और कहा कि रेडियो राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रेडियो ने लोगों को सूचना देने, शिक्षित करने और मनोरंजन करने में काफी महत्वूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने रेडियो के बारे में कई रोचक तथ्य भी लोगों के साथ शेयर किए।

पीआईबी, भोपाल के उप निदेशक अखिल कुमार नामदेव ने कहा कि रेडियो की पहुंच अन्य संचार माध्यमों की तुलना में ज्यादा है। यही वजह है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपनी ‘मन की बात’ कहने के लिए रेडियो (आकाशवाणी) को ही माध्यम के रूप में चुना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोताओं ने हिस्सेदारी की और अपने प्रश्नों के द्वारा अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।

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