कच्चे तेल की कीमत पिछले 13 महीनों में सबसे कम, सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल

ब्यूरो रिपोर्ट समाचार भारती-

लंदनः अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पिछले एक साल के निम्नतम स्तर पर है। यह स्थिति तब है जब तेल उत्पादक सप्लाई में कमी के लिए उत्पादन कम करने पर विचार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इस नवंबर पिछले 4 साल में किसी एक महीने में तेल के दाम सबसे ज्यादा गिरे हैं।

अमेरिका की अगुआई में तेल की आपूर्ति मांग के मुकाबले तेजी से बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सरप्लस न हो, इसके लिए तेल निर्यातकों का संगठन OPEC (ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कन्ट्रीज) उत्पादन घटाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। 6 दिसंबर को OPEC की बैठक है, जिसके बाद माना जा रहा है कि सदस्य देश उत्पादन घटाना शुरू कर देंगे।

नवंबर में अभी तक कच्चे तेल की कीमत में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे पहुंच गई थी। यह अक्टूबर 2017 के बाद से सबसे निचला स्तर है। इससे देश भर में भी पेट्रोल-डीजल के दामों में और राहत मिलने की संभावना है।

दूसरी तरफ, इस साल ऑयल प्रॉडक्शन में बढ़ोतरी हुई है। इंटरनैशनल एनर्जी एजेंसी के मुताबिक, इस साल अकेले गैर-ओपक देशों का ही तेल उत्पादन 23 लाख बैरल प्रति दिन बढ़ा है। अगले साल तेल की मांग में 13 लाख बैरल प्रति दिन बढ़ोतरी का अनुमान है। कम मांग के अनुरूप उत्पादन करने के लिए सऊदी अरब ने गुरुवार को कहा कि वह तेल की आपूर्ति घटा सकता है। सऊदी अरब OPEC को संयुक्त रूप से उत्पादन में 14 लाख बैरल प्रति दिन की कटौती के लिए राजी कर रहा है।