कानपुर में कोटेदारों की मनमानी जारी

योगी सरकार की मुहिम को कोटेदार लगा रहे पलीता

ब्यूरो चीफ आरिफ़ मोहम्मद कानपुर

वैश्विक महामारी के चलते समूचा देश परेशानी से जूझ रहा वही सूबे के मुखिया योगी आदित्य नाथ श्रमिक मजदूरों का विशेष ध्यान देते हुए मुहिम चला रहे कि कोई भी मजदूर भूखा नही रहेगा जिसकी जिम्मेदारी जिलाधिकारी सहित विभागीय आलाधिकारियों को दी लेक़िन अपको बताते चले कि गल्ला की सरकारी दुकान कुसुम देवी N-37 के नाम से रजिस्टर्ड है और वहीं गरीबों को दबंगई के साथ राशन वितरण करते है इस महीने औरैया का ग़रीब श्रमिक मजदूर के परिवार में तीन लोग है कोरोना काल मे लॉक डाउन के चलते दो वक्त की रोटी के ख़ातिर कंट्रोल रिटेलर के पास पहुचा तो सीधा ग़रीब को जबाब मिला कि ये राशनकार्ड यहां का नही है और राशन लेना है तो 5 किलो कम मिलेगा तो ग़रीब मजदूर मरता नही तो क्या करता उसने दो महीने का गल्ला लिया लेक़िन फिर लॉक डाउन के चलते गम्भीर परेशानी सामने खड़ी और पेट पालने को लेकर गल्ला के लिए सरकारी दुकानदार N-37 पर पहुचा लेक़िन गरीब की दो वक्त की रोटी जिसने झीनी उसको भगवान भी माफ़ नही करता और वही जबाब मिला दबंगई के साथ 5 किलो कम मिलेगा लेना हो तो लो नही तो यहां से भागो लेक़िन बेबश गरीब लाचार क्या करता कुछ देर वहीं खड़ा रहा और काफ़ी देर गल्ला वितरण के बाद रिटेलर चिल्लाया अभी तुम यहाँ से गये नही जिससे शिकायत करना है कर दो जा कर लेक़िन यहां से भागों, और तो और किसी को फोन किया और कहा यहां दुकान पर आओ इसको बताओ आ कर। ये योगी सरकार में कंट्रोल रिटेलर की खुली दबंगई चल रही और बिना राशन लिए वो ग़रीब बेचारा चला गया और सोचा कि मारपीट से अच्छा है भूखे ही सही यही अपना परिवार का पेट भर ले।