कायाकल्प अवार्ड योजना-नदीगांव सीएचसी प्रदेश में रही अव्वल


उपलब्धि- जालौन से ब्यूरो चीफ राहुल दुबे की रिपोर्ट


95.2 प्रतिशत अंक अर्जित कर हासिल किया पहला स्थान
जालौन की मधौगढ़ और झाँसी की मऊरानीपुर सीएचसी को मिला सांत्वना पुरुस्कार
जालौन 21 अक्टूबर 2020।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिले को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 के कायाकल्प अवार्ड योजना के तहत नदीगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। नदीगांव सीएचसी ने 95.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं है। इसके पहले नदीगांव सीएचसी को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला था । इस उपलब्धि पर सीएमओ डॉ अल्पना बरतारिया ने पूरी टीम को बधाई दी है।
नदीगांव सीएचसी प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जानी जाती है। मध्य प्रदेश की सीमा पर बनी इस सीएचसी का लाभ न सिर्फ यूपी के लोग लेते हैं, बल्कि मध्य प्रदेश के भी कई मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में हर्बल गार्डन की उपलब्धता के साथ ही बैठने के लिए पर्याप्त स्थान और पीने के लिए आरओ वाला पानी मरीजों और उनके तीमारदारों को मिलता है। यहां आए दिन कोई न कोई अधिकारी निरीक्षण को आता रहता है। इसके चलते अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहती है।
सीएमओ डॉ अल्पना बरतारिया ने बताया कि नदीगांव सीएचसी प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जानी जाती है। पिछले साल भी उसे प्रदेश में दूसरा स्थान मिला था। इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। एसीएमओ डॉ बीएम खैर ने कहा कि जिले के लिए यह पुरस्कार मिलना सम्मान की बात है। डीएम डॉ मन्नान अख्तर के निर्देशन में लगातार प्रयास किए जा रहे है कि अन्य चिकित्सा इकाइयां भी बेहतर काम करें।
नदीगांव सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ डीके भिटौरिया ने बताया कि यह उपलब्धि टीम के सामूहिक प्रयास से मिली है। इसमें मंडलीय टीम के डॉ राजेश और सिप्सा के डीपीएम आनंद चौबे भी शामिल है। हमारी कोशिश है कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ अस्पताल में आने पर अच्छा माहौल भी मिले। इसके लिए टीम लगातार प्रयासरत है। क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम के जनपदीय परामर्शदाता डॉ अरुण कुमार राजपूत ने बताया कि कायाकल्प योजना के पुरस्कार के लिए तीन चरणों में असेसमेंट होता है। जिसमें पहले चरण में अस्पताल की आतंरिक टीम असेसमेंट करती है। इसमें 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर दूसरे चरण के लिए मंडलीय असेसमेंट होता है। इसमें भी 70 फीसदी अंक मिलने पर राज्य स्तरीय तीन सदस्यीय टीम द्वारा 7 बिंदुओं के तीन सौ से अधिक चेक प्वाइंट पर असेसमेंट होता है। सबसे अधिक अंक पाने पर पुरस्कृत किया जाता है। प्रत्येक चिकित्सा इकाई को 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर सांत्वना पुरस्कार के ले लिए चुना जाता है। नदीगांव सीएचसी ने 95.2 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यही नहीं माधौगढ़ सीएचसी को भी 32 वां स्थान के साथ सांत्वना पुरस्कार मिला है। जल्द समारोह में दोनों सीएचसी के स्टाफ को सम्मानित किया जाएगा।

प्रशिक्षित स्टाफ रहता है मुस्तैद
सीएचसी प्रभारी डा. डीके भिटौरिया का कहना है कि प्रशिक्षित स्टाफ ड्रेस में हर वक्त सेवा के लिए मौजूद है। तीन स्तरीय बैकेट सिस्टम से स्वच्छता का काम होता है। जिसमें दैनिक सफाई, साप्ताहिक और मासिक सफाई नियमानुसार होता है। मरीज देखभाल वाले क्षेत्र में सफाई के दौरान झाड़ू का प्रयोग नहीं किया गया है। सूखे और गीले पौछे से सफाई होती है। विसंक्रमित किए गए उपकरण और ड्रेसिंग मैटेरियल ही प्रयोग में लाए जाते है ताकि संक्रमण फैलने की संभावना न के बराबर होती है।

योजना के तहत मिलेंगे दस लाख का पुरस्कार
कायाकल्प योजना में पहला स्थान पाने पर दस लाख रुपये पुरस्कार स्वरुप दिए जाते हैं। इसमें से 75 प्रतिशत धनराशि अस्पताल के रखरखाव पर खर्च की जाएगी । जबकि 25 प्रतिशत धनराशि अस्पताल के स्टाफ को पुरस्कार स्वरुप वितरित की जाएगी।

माधौगढ़ व मऊरानीपुर को मिला सांत्वना पुरस्कार
कायाकल्प योजना में झांसी मंडल की दो सीएचसी को सांत्वना पुरस्कार मिले है। इसमें जालौन की माधौगढ़ सीएचसी और झांसी जनपद की मऊरानीपुर सीएचसी है। मऊरानीपुर सीएचसी को 70.2 प्रतिशत अंक मिले है। दोनों सीएचसी को पुरस्कार स्वरुप एक एक लाख रुपये दिए जाएंगे।

नदीगांव एनक्वास सर्टिफाइड सीएचसी
नदीगांव सीएचसी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) से पुरस्कृत सीएचसी है। उसे पिछले साल चुना गया था। इसके तहत तीन साल तक लगातार दो लाख रुपये पुरस्कार स्वरुप दिए जाएंगे।