कोरोना काल में शराब कारोबारियों की चांदी ,आम जनता त्रस्त

 लखनऊ के समूह संपादक मनीष गुप्ता की रिपोर्ट

लगता है उत्तर प्रदेश सरकार शराब कारोबारियों और शराबियों पर पूरी तरह से मेहरबान है। लाँकडाउन में भी शराब की दुकानें खुली रखने के आदेश के बाद सरकार ने शॉपिंग मॉल्स में भी शराब बेचने की अनुमित दे दी है। यहां इम्पोर्टेड और प्रीमियम ब्रांड की शराब खरीदी बेची जा सकेगी।  आबकारी विभाग ने इस संबंध में शनिवार को एक आदेश जारी कर दिया। विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में शॉपिंग मॉल्स से खरीदादारी का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार की तरफ से महंगी विदेशी शराब बेचने की अनुमित प्रदान की गई है।

25 जुलाई को जारी हुए आदेश के मुताबिक, इन दुकानों में इम्पॉर्टेड विदेशी शराब, भारत में बनी स्कॉच, ब्रांडी, जिन और वाइन के सभी ब्रांड को बेचने के अनुमति होगी। इसके अलावा सात सौ रुपए से अधिक कीमत की वोदका और रम भी अब शॉपिंग मॉल्स से आप खरीद सकेंगे। इसके साथ ही एक सौ साठ रुपए से अधिक कीमत वाली वाली बीयर की केन बेचने की अनुमति होगी। आदेश में बताया गया है कि ऐसी दुकानों की सलाना लाइसेंस फीस 12 लाख रुपए तय की गई है, जो किसी व्यक्ति, कंपनी, फर्म अथवा सोसायटी द्वारा प्रदत किया जा सकता है। मॉल्स में स्थित शराब दुकानों में अपनी इच्छा मुताबिक, ब्रांड चुनने की सुविधा होगी। दुकान एसी वाली होगी लेकिन यहां पर बैठ के पीने-पिलाने की अनुमति नहीं होगी।

विभागीय जानकारों का कहना है कि कोराना काल सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले आबकारी महकमें और शराब के कारोबारियों के लिए झटटका देने वाला रहा। ऐसे में सरकार इस कारोबार में लगे लोगों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत देने में जुटी है ताकि सरकार के खजाने पर फर्क न पड़े। वहीं यूपी के शराब कारोबारी भी एक अरसे से मांग कर रहे थे कि दूसरे महानगरों की तर्ज पर यहां भी शापिंग मॉल्स में शराब बेचेने की अनुमित दी जाए। इनकी इस मांग पर सरकार आज सहमत हो गयी है। शापिंग में बिकने वाली शराब की कीमत भी आम आदमी की पहुंच वाली रखी गयी है। अब देखना है कि कोरोना काल में सरकार के यह फैसला शराब कारोबारियों को और सरकार के लिए कितने मुनाफे वाला सौदा साबित होता है।