कोरोना काल में सक्रियता से काम कर रही एंबुलेंस सेवा मरीजों को झांसी, कानपुर व लखनऊ तक दी सेवाएं


जालौन सेेेे ब्यूरो चीफ राहुल दुबे की रिपोर्ट
कोरोना काल में एंबुलेंस सेवा लोगों की मदद में आगे आई है। कोरोना संक्रमितों के साथ ही अस्पताल पहुंचाने के साथ ही उन्हें रेफर करने के लिए स्थिति में झांसी, कानपुर और लखनऊ पहुंचाने का भी काम किया है। यही नहीं गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित 102 नंबर एंबुलेंस भी मरीजों को सीएचसी, पीएचसी के साथ जिला महिला अस्पताल तक लेकर आई।
मेडिकल इमरजेंसी के वक्त लोगों को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा सक्रियता से काम कर रही है। सूचना मिलने पर एंबुलेंस को रोगी के पास 15 मिनट के भीतर पहुंचना होता है। इस दौरान उन्हें ट्रैक भी किया जाता है और देरी होने पर लखनऊ आफिस से पूछताछ भी होती है। हालांकि शहरी क्षेत्र में जाम और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कों की समस्या है। इसके बावजूद एंबुलेंस सर्विस में काम कर रहे कर्मचारी अपनी भूमिका से न्याय कर रहेे हैं।
एंबुलेंस सेवा के झांसी मंडल प्रभारी दिनेश सिंह बताते है कि एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं रहती है। पायलट के अलावा इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) होता है। जिसे इमरजेंसी में मरीज को संभालने के बारे में बकायदा ट्रेनिंग दी जाती है।
जिले में 108 सेवा की 23 एंबुलेंस है। जिसमें कोरोना काल में मार्च में 2718, अप्रैल में 1887, मई में 2629, जून में 2181, जुलाई में 2036, अगस्त में 1854, सितंबर में 1732 लोगों को सेवाएं दी है। इसी तरह 102 सेवा की 21 एंबुलेस है। जिसमें मार्च में 4780, अप्रैल में 2755, मई में 1760, जून में 2348, जुलाई में 4250, अगस्त में 1607, सिंतबर में 2678 महिलाओं को सेवाएं दी है। इसी तरह एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) सेवा की चार एंबुलेंस है। जिनसे मरीजों को झांसी कानपुर और लखनऊ भेजा गया है। जिसमें मार्च में 10, अप्रैल में 70, मई में 104, जून में 96, जुलाई में 105, अगस्त में 90, सितंबर में 73 लोगों को सेवाएं दी गई है।

कोरोना वारियर्स का बैच लगाकर किया सम्मानित
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ एके त्रिपाठी ने एंबुलेंस स्टाफ को सम्मानित किया। एंबुलेंस सेवा के मंडल प्रभारी दिनेश सिंह की मौजूदगी में सीएमएस ने कोरोना वारियर्स का बैच लगाकर सम्मानित किया।