खादी एवं ग्रामोद्योग में मनाई गई गांधी जयंती

अपर मुख्य सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग डा0 नवनीत सहगल ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने माटी कलाबोर्ड के तहत लखनऊ के 26 मिट्टी कारीगरों में लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति एवं दीये बनाने की डाई, एअर कम्प्रेशर पेंटिंग मशीन एवं दीया मेकिंग मशीन का वितरण भी किया।
इस मौके पर डा0 सहगल ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के परिवेश में स्वदेशी का बहुत महत्व है। स्वंतत्रता आंदोलन के समय भी स्वदेशी की अहम भूमिका थी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी के सादा जीवन उच्च विचार के सिद्धांत को आज भी स्मरण रखने की आवश्यकता है। इससे सभी लोग अपने आपको गौरवशाली महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का महत्व बहुत अधिक है, इससे जहां सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार मिलता है, वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होती है। इसलिए खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वदेशी को आगे बढ़ाने में सभी को मदद करनी चाहिए। गांधी जी को यही सबसे सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री जी का स्मरण करते हुए कहा कि शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का नारा दिया। शास्त्री जी गांधी जी के सिद्धांतों पर चलने वाले महापुरूष थे।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत मुहिम को गति प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुरूप चीन से आयात होने वाली मूर्तियों का विकल्प विकसित किया गया है।