गोरखनाथ मंदिर से सटे अल्पसंख्यकों के 11 घर को सहमति से खाली कराने की तैयारी, दिया जाएगा मुआवजा.

 

ब्यूरो रिपोर्ट समाचार भारती

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा वजह से गोरखनाथ मंदिर के दक्षिण पूर्वी कोने पर स्थित अल्पसंख्यकों के 11 घरों को खाली कराया जाएगा. इस संबंध में जिला प्रशासन तैयारी कर रहा है. जिला प्रशासन का दावा है कि सभी की पूर्ण सहमति के बाद घर खाली कराए जाएंगे. संबंधित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा. उन्हें दूसरी जगह बसाने की व्यवस्था की जाएगी.

घरों को खाली कराने के संबंध में जिला प्रशासन की तरफ से एक सहमति पत्र तैयार किया गया है, जिस पर 11 में से 9 परिवारों- मो. फैजान, इमरान, सलमान, मो. जाहिद तारिक, आशिक, मो. शाहिद हुसैन मो. शाहिर हुसैन, मो. खुर्शीद आलम मो. जमशेद आलम, मुशीर अहमद इकबाल अहमद अनवर अहमद, जावेद अख्तर ने दस्तखत कर दिए हैं, जबकि 2 परिवार- मो. अकमल, शाहिल, सरजिल, इसराइल नूर मुहम्मद अभी बाकी हैं. वहीं, कुछ लोग दबी जुबान आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन जबरन दस्तखत करा रहा है. यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि सहमति पत्र में न तो मुआवजे की बात कही गई है न ही यह स्पष्ट है कि सहमति पत्र किस विभाग की तरफ से तैयार किया गया है.

हालांकि कोई भी खुलकर नहीं बोल रहा है. संबंधित परिवारों के लोग इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं. वहीं, प्रशासन का दावा है कि किसी पर भी दबाव नहीं बनाया गया है. कार्रवाई शुरूआती दौर में है. अभी लोगों से सहमति ली जा रही है. तत्काल किसी को बेघर नहीं किया जा रहा है. सभी की सहमति, मुआवजा आदि की घोषणा के बाद ही कोई कार्रवाई होगी.

खबर के मुताबिक केंद्र एवं राज्य की खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा के लिहाज से एक रिपोर्ट तैयार की है. इसी आधार पर मंदिर के मुख्य गेट से सटे पंजाब नेशनल बैंक की इमारत, जोकि मंदिर की संपत्ति है, उसे भी परिसर में मिलाने का प्रस्ताव है, ताकि मुख्य द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा सके. ऐसे इंतजाम किए जाएं कि गेट पर ही हर व्यक्ति से लेकर वाहन तक की जांच हो सके. साथ ही मंदिर के दक्षिण पूर्वी कोने और कुछ और हिस्सों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. इसी के मद्देनजर शासन के निर्देश पर प्रशासन ने इन घरों को खाली कराने की तैयारी शुरू की है. सबसे सहमति बनाई जा रही है. मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया है. एजेंसियों ने सीएम की सुरक्षा को खतरा बताया है.