गौशाला घोटालेबाजों पर अब चलेगा जिलाधकारी का हंटर

टैग लगे घूमते मवेशी मिलने पर गौशाला संरक्षकों की नही होगी खैर

गौवंशो के साथ कोताही बरतने वालों की अब नही होगी खैर

संवादाता संतोष कुमार सिंह हरदोई

हरदोई। गौशाला केंद्रों पर गौवंशो के साथ की जा रही लापरवाही और व्यवस्था एवं संचालन के सम्बन्ध में आज कलेक्ट्रेट सभागार में उपजिलाधिकारी, नोडल जिला स्तरीय अधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारियों तथा नगरीय निकायों के सभी अधिशासी अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने निर्देश दिये कि सभी उप जिलाधिकारी गौशालाओं की नियमित जांचकर व्हाट्सअप पर रिपोर्ट प्रेसित करने को कहा साथ ही बनाये गये पोर्टल पर सभी खण्ड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, ग्राम प्रधान, पशु चिकित्सा अधिकारी तथा ग्राम पंचायत सचिव को जोड़ कर रोज गौशालाओं के बारे में जानकारी हासिल करें। तथा समय-समय पर गौशालाओं का स्वयं भी निरीक्षण करें और गौशालाओं में उपस्थित गौवंशों के आधार पर भूसा, हरा, चारा आदि की उचित व्यवस्था निश्चित करायें। और गौशालाओं में बीमारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में दुर्घटना आदि से मरने वाले पशुओं के शवों को तत्काल उचित ढंग से निस्तारण करायें।
साथ ही कहा कि निरीक्षण के दौरान एसडीएम एवं बीडीओ गौशाला में पशुओं की संख्या भूसा व हरे चारे की उपलब्धता की भी जांच करें। और जिन गौशालाओं में जल भराव की समस्या हो तो उसका तुरंत निराकरण करायें। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिये कि नगरी क्षेत्र में आवारा घूमने वाले पशुओं के नजदीकी ग्राम पंचायत में बने गौशालाओं में भोजन पानी सुनिश्चित करें। और जिस गौशाला के टैग लगे पशु बाहर घूमते पाये जायेगे उस क्षेत्र से संबंधित लोगों पर तत्काल कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 जेएन पाण्डेय को निर्देश देते हुए कहा कि अधूरे बने गौशालाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें तथा सभी गौशालाओं के मानक तय करें तथा पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दें कि वह अपने क्षेत्र की गौशालाओं के पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें। और बीमार एवं घायल पशुओं का सीघ्र ईलाज करें। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौशालाओं में होने वाली कम्पोस्ट खाद की बिक्री आदि से होने वाली आय के सम्बन्ध में अपने विचार साझा करेें। डीएम ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये कि आने वाले सर्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पशुओं को सर्दी से बचाने के बारे में अभी से व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। और गौशालाओं में भूसा, हरा चारा, पानी और विजली आदि पूरी व्यवस्था का इंतजाम करें।