चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) के प्रभाव से ओडिशा-बंगाल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. ओडिशा के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया तो वहीं बंगाल में हल्दिया पोर्ट में भी पानी का कहर दिखाई दे रहा है.

समाचार भारती के लिए समूह संपादक मनीष गुप्ता की रिपोर्ट
  • ओडिशा में साइक्लोन यास का लैंडफॉल जारी
  • राहत-बचाव के लिए तटीय इलाकों में सेना-नौसेना तैनात
  • बांगाल-ओडिशा की ट्रेनें रद्द, कोलकाता एयरपोर्ट बंद

ओडिशा में साइक्लोन यास का लैंडफॉल  हुआ है. जानकारी के मुताबिक ‘यास’ ने बालासोर के दक्षिण में उत्तर ओडिशा तट को पार कर लिया है. इस दौरान अनुमानित हवा की गति 130-140 किमी प्रति घंटे से 155 किमी प्रति घंटा रही. इसी के साथ ओडिशा में लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो गई है. हालांकि अभी ओडिशा, बंगाल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में यास तूफान के असर को लेकर अलर्ट जारी है.

भीषण चक्रवाती तूफान यास के प्रभाव से ओडिशा-बंगाल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. ओडिशा के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया तो वहीं बंगाल में हल्दिया पोर्ट में भी पानी का कहर दिखाई दे रहा है. वहीं, चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) से ओडिशा के भद्रक और बालासोर में कई घरों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है.

रिहायशी इलाकों में घुसा समंदर का पानी

तूफान के मद्देनजर कई राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. ओडिशा के समंदर में ऊंची लहरें उठ रही हैंं. धामरा (Dhamra) और भद्रक ( Bhadrak) जिलों में भारी बारिश और समंदर के ऊफान से रिहायशी इलाकों के घरों में पानी घुस गया है.

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यास नाम का ये तूफान गंभीर चक्रवाती तूफान जब तट से टकराएगा तो उस दौरान 130-140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 155 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं. मौसम विभाग के अनुसार सुबह करीब 9 बजे लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हुई.

फ्लाइट्स स्थगित, ओडिशा-बंगाल की ट्रेनें रद्द ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में बारिश जारी है. कुछ ही घंटों में तूफान ओडिशा के तट से टकराएगा. यास चक्रवात तूफान की वजह से खराब हुए मौसम के कारण कोलकाता एयरपोर्ट से आज (बुधवार) सुबह 8:30 बजे से उड़ने वाली फ्लाइट्स को शाम 7:45 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है. वहीं, भुवनेश्वर एयरपोर्ट कल (मंगलवार) रात से बंद है. इसके अलावा भारतीय रेलवे ने ओडिशा-बंगाल की सभी ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है. तूफान के अलर्ट के कारण ओडिशा-बंगाल के अलावा बिहार एवं झारखंड की भी कई ट्रेनें रद्द की गई हैं.

ओडिशा के इन इलाकों में तबाही की आशंका पूर्वानुमान के मुताबिक ओडिशा के भद्रक और बालासोर में सबसे ज्यादा तबाही की आशंका है. IMD की ओर से जानकारी दी गई कि चक्रवाती तूफान आज (26 मई)  दोपहर तक उत्तर ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल में पारादीप और सागर द्वीप के तटों के बीच धामरा (Dhamra) के नजदीक से भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में गुजरेगा. 

तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश

बंगाल के मुकाबले ओडिशा में अधिक असर ऐसी संभावना है कि पश्चिम बंगाल पर चक्रवाक यात का अधिक असर नहीं होगा. लेकिन भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी. हालांकि, ओडिशा पर इसका अच्छा खासा असर दिखाई देगा. ओडिशा के बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और मयूरभंज इस तूफान की चपेट में सबसे ज्यादा आएंगे. भद्रक जिले में आने वाले धामरा और चांदबाली के बीच यास तूफान के टकराने की आशंका है.

ओडिशा के ये इलाके ज्यादा प्रभावित, NDRF अलर्ट ओडिशा के केंद्रपाड़ा, भद्रक, जगतसिंहपुर, बालासोर, मयूरभंज सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. बालासोर में तूफान से पहले मौसम खराब है. यास तूफान के खतरे को देखते हुए समंदर किनारे रहने वालों को सुरक्षित जगह पर भेजा गया है. एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों को तूफान के खतरे से आगाह कर रही है. बालासोर के पास के चांदीपुर में समंदर के किनारे से लोगों को हटाने के लिए मरीन पुलिस भी NDRF के साथ हो गई है. 

इन 8 राज्यों पर तूफान का सीधा असर  साइक्लोन यास की वजह से पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले 3 दिन भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rain) की आशंका है. जबकि झारखंड में बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार और बिहार के कई इलाकों में गुरुवार को बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग (IMD) नेअसम और मेघालय में भी 26-27 मई को कई जगह पर हल्की बारिश की बात कही है. इसी तरह दक्षिण में उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.

यूपी में भी होगा तूफान का असर भारत मौसम विज्ञान केन्द्र ने 26 व 27 मई, 2021 के दौरान गरज के साथ बिजली चमकने एवं तेज हवा चलने की संभावना जताई है. जिसका असर जनपद वाराणसी में भी देखने को मिल सकता है. लोगों को आंधी-तूफान/चक्रवात के दौरान अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. सलाह दी गई है कि यदि आप घर के अन्दर हैं तो बिजली का मेन स्विच व गैस सप्लाई तुरंत बंद कर दें. दरवाजे एवं खिड़की बंद रखें. इसके अलावा चक्रवात से संबंधित किसी नुकसान की सूचना देने एवं सहायता के लिए 0542-2221937, 2221939, 2221941, 2221942, 2221944 एवं टोल फ्री नंबर-1077 नंबरों पर संपर्क करें.

झारखंड में तूफान के मद्देनजर अलर्ट Yaas तूफान से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा के ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है. इन इलाकों में 90 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से हवा चलने और कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है. तूफान यास का असर 26-27 मई को ज्यादा पड़ेगा जबकि 28 को इसके धीमा होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत तूफान से बचाव एवं राहत को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. इसके तहत अस्पतालों में बिजली और ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित नहीं हो इसके लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है. वहीं, पेड़, खंभे और पोल आदि के गिरने से सड़कों पर आवागमन बाधित नहीं हो, इस बाबत सभी जिलों के उपायुक्त को गिरने वाले पेड़ों को हटाने के लिए पूरी व्यवस्था करने को कहा गया है. भारी बारिश के कारण कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने की काफी आशंका है, ऐसे में लोगों को रखने के लिए शिविर की व्यवस्था की गई है. 

मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी झारखंड में तूफान के बीच आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है. कई जिलों में हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. मुश्किल वक्त में उन नंबरों पर फोन कर मदद ली जा सकती है. रांची में तूफान के दौरान विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम पूरी तरह से एक्टिव हैं. कंट्रोल रूम में मजिस्ट्रेट को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है. दुमका विद्युत विभाग यास चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. विद्युत विभाग ने लोगों को अलर्ट किया है कि बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें. अगर कहीं कोई नुकसान की खबर आती है तो फौरन सूचित करें. विभाग ने तीन नंबर भी जारी किए हैं. वे नंबर हैं- 9905306663, 7982238951, 8539076988

बिहार में आंधी-बारिश की संभावना बिहरा में 27 से 30 मई तक आंधी, तूफान और भारी बारिश होने की संभावना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चक्रवातीय तूफान ‘यास’ के मद्देनजर तैयारियों को लेकर मंगलवार को आपदा प्रबंधन विभाग, संबद्ध विभागों तथा सभी जिलाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की. इस दौरान सभी को तूफान की स्थिति में एहतियात बरतने तथा सतर्क रहने का निर्देश दिया. ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग को विषेष रूप से अलर्ट रहने को कहा गया है. साथ ही आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया