शिशु मृत्यु दर कम करने का प्रयास करें-डीपीएम सीएमओ कार्यालय में नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन

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जालौन 20 नवंबर 2020। जालौन सेे ब्यूरो चीफ राहुल दुबेे की रिपोर्ट
नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित अचल प्रशिक्षण केंद्र में चिकित्सकों की जनपद स्तिरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० अल्पकना बरतारिया ने एसएनसीयू एवं केएमसी की व्यइवस्थाखयें दुरूस्तच रखने के निर्देश दिये, इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) डॉ प्रेमप्रताप ने कहा कि नवजात शिशु की मृत्यु दर कम करने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे। उत्तर प्रदेश में एक हजार नवजात पर 43 की मृत्यु दर है। नवजात शिशु के स्वास्थ्य के बारे में जागरुक करने के लिए नवजात की आवश्यक देखभाल के साथ कंगारु केयर मदर और स्तनपान को बढ़ावा देने तथा बीमार नवजात की समय से पहचान सुनिश्चित करनी होगी। शिशु मृत्यु दर रोकने की जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रसव अस्पताल में ही कराए जाए और प्रसव के बाद 48 घंटे तक मां और शिशु को उचित देखभाल के लिए चिकित्सालय में भी रोके। जन्म के तत्काल बाद नवजात का वजन लें और उसे विटामिन के का इंजेक्शन लगवाए। शिशु के तापमान को स्थिर रखने के लिए कंगारु केयर मदर (केएमसी) की विधि को भी बढ़ावा दिया जाए।
माताओं को प्रसव केंद्र पर ही स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए जागरुक किया जाए। उन्हें बताया जाए कि कुपोषण और संक्रमण के बचाव के लिए छह महीने तक केवल मां का दूध ही पिलाए। शहद, घुट्टी, पानी आदि कतई न पिलाए। उन्होंने कहा कि होमबेस्ड न्यू बोर्न केयर (एचबीएनसी) कार्यक्रम के लिए आशाओं की मदद ली जाए। स्वच्छता को बढ़ावा देने वाले भी कार्यक्रम किए जाए। कार्यशाला में जिले के सीएचसी, पीएचसी के साथ जिला और महिला अस्पताल से आए डाक्टर मौजूद रहे।

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