तमाम तरह के बहाने मारकर प्राइवेट हॉस्पिटल कोरोनावायरस कर रहे हो उगाही

लखनऊ से वरिष्ठ संवाददाता अभिषेक गौड़

चरक हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही

कोरोना के लक्षण होने के बाद उसको छुपाने की कोशिश परिजनों ने चरक हॉस्पिटल पर लगाया आरोप

परिजनों का बयान मरीज में कोरोना था जांच के लिए सैंपल लिया चरक में बोले 26 की सुबह आकर ले लीजिएगा

जब परिजन पहुंचे रिपोर्ट लेने के लिए तो चरक के एडमिन राहुल सिंह ने बताया के सैंपल डिस्ट्रॉय हो गया है

अब सवाल यह उठता है जब मरीज को कोरोना नहीं था तो चरक नहीं बताया क्यों नहीं

मरीज की मृत्यु हो गई जब परिजनों ने इस पर आवाज उठाई तो डॉक्टर रतन सिंह के भतीजे राहुल सिंह ने परिजन को धमकाते हुए कहा हमारे चरक की जड़ें बहुत मजबूत है कोई कुछ नहीं कर पाएगा

राहुल बोले पेशेंट को यहां से ले जाइए जब वह लेकर चले तो रास्ते में ही मरीज की मृत्यु हो गई

इस तरह से कोरोना के पेशेंट से अपना पल्ला झाड़ा चरक हॉस्पिटल ने

परिजनों का कहना है जो जांच के लिए सैंपल लिया था उसको डिस्ट्रॉय करने के बाद उसका पेमेंट वापस कर दिया

अब देखना यह है कोवेट19 के चलते जहां सरकार सीएमओ की लापरवाही को बर्दाश्त ना करते हुए उन को बर्खास्त कर देती है अब नए सीएमओ इसके ऊपर क्या एक्शन लेते हैं

थाना ठाकुरगंज स्थित चरक हॉस्पिटल बालागंज का मामला..