धर्मांतरण मामले में आदित्य से अब्दुल बने शख्स का खुलासा- इंडोनेशिया के कट्टरपंथी संगठन IDF और FPI का भी हाथ

धर्मांतरण मामले में आदित्य से अब्दुल बने शख्स का खुलासा- इंडोनेशिया के कट्टरपंथी संगठन IDF और FPI का भी हाथ

देश भर में हो रहे धर्मांतरण के पीछे आईडीसी यानि इस्लामिक धावा सेंटर के साथ इंडोनेशिया के प्रतिबंधित संगठन आईडीएफ यानि इस्लामिक डिफेंडर्स फ्रंट का भी हाथ है. इसको एफपीआई यानि फ्रंट पेम्बेला इस्लाम के नाम से भी जाना जाता है जिसका पूरा नेटवर्क केरल समेत पूरे दक्षिण भारत में है. एटीएस की पूछताछ में आदित्य उर्फ अब्दुल ने इसका खुलासा किया है. केरल में उसकी नौकरी लगवाने से लेकर रहने का इंतजाम इसी संगठन के लोग कराते हैं. एक साथ नमाज पढ़ते हैं और सभाएं कर इस्लाम के प्रति मोटीवेट करते हैं.

आदित्य ने पूछताछ में सांकेतिक भाषा में बताया कि केरल में जब वो पहुंचा तो वहां पर आईडीएफ से संबंधित लोग मिले. उन्होंने 7000 रुपये प्रति महीने की सैलरी पर लेबर की नौकरी दिलाई. बाद में बर्तन धुलवाने का काम दिलाया. 2500 रुपये पर किराये का कमरा दिलाया.

जब धर्म परिवर्तन करने वाले एक साथ जुटते थे तो इसी संगठन के लोग उनको संबोधित करते थे. सांकेतिक भाषा एक्सपर्ट भी उसमें शामिल होते थे. ये बेहद चौंकाने वाले तथ्य एटीएस को आदित्य ने बताए हैं. मालूम हो कि आईडीएफ का अगस्त 1998 में इंडोनेशिया में गठन किया गया था. ये एक कट्टरपंथी संगठन है. 30 जून 1999 में जनविरोधी मानते हुए इस संगठन को वहां प्रतिबंधित भी किया गया था. हिंसा के लिए प्रेरित करना और धर्म के प्रति कट्टरता पैदा करना मुख्य उद्देश्य है. इसका मुख्यालय जकार्ता में है. इसका फाउंडर मोहम्मद रिजिक शिहाब है. आखिरी बार दिसंबर 2020 में इस पर प्रतिबंध लगाया गया.