पीएम मोदी के आरोप पर कुमारस्‍वामी का जवाब- 800 नहीं 60,000 किसानों का कर्ज हुआ माफ

ब्यूरो रिपोर्ट समाचार भारती-

बेंगलुरु- देश में इन दिनों किसानों के मुद्दों पर जमकर राजनीति हो रही है। कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पीएम का बयान असंवेदनशील और तथ्‍यात्मक रूप से गलत बताया है। कर्नाटक में पिछले साल मई से लेकर अब तक 800 नहीं, बल्कि 60,000 किसानों का कर्ज माफ किया जा चुका है। पीएम मोदी ने कर्नाटक सरकार की कर्ज माफी योजना को किसानों के साथ क्रूर मजाक करार दिया था। उन्‍होंने कहा था कि सिर्फ 800 लोगों को इसका फायदा पहुंचा है।

कुमारस्‍वामी ने कहा कि फसल ऋण माफी एक प्रतिबद्धता है, जिसे हमारी सरकार ने राज्य के किसानों को उनके हितों की रक्षा के लिए बनाया है। पीएम मोदी के पास हमारी कर्जमाफी योजना से संबंधित तथ्‍य सही नहीं हैं। ऐसे में वह देशवासियों को भ्रमित कर रहे हैं। हमारी फसल कर्जमाफी योजना एक खुली किताब की तरह है और यहां अन्‍य राज्‍यों की तरह सभी जानकारी ऑनलाइन मौजूद है। ऐसे में इस योहना को क्रूर मजाक बताना गलत है।

मुख्‍यमंत्री ने कहा, ‘राज्‍य के 60 हजार किसानों के बैंक खातों में कर्जमाफी योजना के तहत अब तक 350 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। अगले हफ्ते एक लाख और किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। इसमें करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उम्‍मीद है कि जनवरी अंत तक कर्जमाफी की प्रकिया पूरी हो जाएगी।’

कुमारस्वामी का कहना है, ‘बिचौलिए किसानों का फायदा ना उठाएं, इसलिए एक सॉफ्टवेयर बनाया गया है। इसके बाद से बिचौलिए लगभग समाप्त हा गए हैं। अन्य राज्यों ने भी हमारे काम करने के तरीके में रुचि दिखाई है, जिसमें आधार की जानकारी, भूमि रिकॉर्ड का इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणीकरण और राशन कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जिसे छूट मिलनी चाहिए उसी किसान को मिले।

पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था ‘कर्जमाफी के नाम पर उन्होंने जो किया वह इतिहास में सबसे क्रूर मजाकों में से एक के तौर पर दर्ज होगा। सत्ता में आने के छह महीने बाद खबरें आयी है कि केवल कुछ ही किसानों को इस कर्जमाफी योजना से लाभ होगा।’ मोदी ने कहा, ‘किसानों के लिए इन लोगों ने जो किया है, देशभर में घूम-घूमकर इसका श्रेय वे ले रहे हैं। क्या वे कर्नाटक में किसानों की खुदकुशी का भी दोष अपने सिर लेंगे?’ कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता में आने के कुछ समय बाद ही जुलाई में 45,000 करोड़ रुपये की किसान कर्जमाफी योजना की घोषणा की थी। लेकिन बैंक संबंधी कई मुद्दों के चलते वह अधर में लटक गई।