प्रदेश के अधिवक्ताओं को आर्थिक सहयोग दे योगी सरकार


हिन्दू महासभा विधि प्रकोष्ठ ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

लखनऊ। अखिल भारत हिन्दू महासभा, उत्तर प्रदेश, विधि प्रकोश्ठ ने राज्य के सभी अधिवक्ताओं को कोविडकाल के दौरान आर्थिक मदद दिये जाने की मांग की है। विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को भेजे गये ज्ञापन में मांग उठायी गयी है। ज्ञापन की प्रति प्रदेश के विधि मंत्री बृजेश पाठक, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन और प्रमुख सचिव विधि उत्तर प्रदेश शासन को भी भेजी गयी है। भेजे गये ज्ञापन में हिन्दू महासभा, उत्तर प्रदेश विधि प्रकोष्ठ के प्रदेष अध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव एवं महामंत्री विजयंत निगम ने संयुक्त रूप से आर्थिक मदद के लिये अधिवक्ताओं को चार श्रेणियों में विभाजित करते हुये बताया कि जिन अधिवक्ताओं प्रैक्टिस पांच वर्ष से कम है, उन्हें पांच हजार रूपये, पांच से दस वर्ष के बीच प्रैक्टिस करने वालों को दस हजार रूपये, दस से पन्द्रह वर्ष के बीच प्रैक्टिस करने वालों को पन्द्रह हजार और पन्द्रह से बीस साल के बीच प्रैक्टिस करने वालों को बीस हजार रूपये की न्यूनतम आर्थिक मदद कोरोनाकॉल में दी जाये। भेजे गये ज्ञापन में पार्टी के द्वय नेताओं ने कहा कि इस वैश्विक आपदाकाल में अधिवक्ता वर्ग के जीविकोपार्जन के साधन पिछले एक वर्ष में अत्यंत सीमित होकर अब लगभग समाप्तप्राय हो चुके है परन्तु इस आपदाकाल में भी उनको किसी प्रकार का साधन अथवा सहयोग राज्य सरकार द्वारा प्रदान नहीं किया गया है। गत वर्ष में उत्तर प्रदेश बार काउन्सिल तथा सम्बन्धित बार एसोसिएशन द्वारा चयनित अधिवक्ताओं को नगण्य आर्थिक सहायता प्रदान की गयी थी जो लगभग प्रभावहीन थी। ज्ञापन में कहा गया है कि आज महामारी के इस द्वितीय लहर के चलते अधिवक्ता समाज की स्थिति पुनः प्रभावित हुयी है है परन्तु उनके सहयोग के लिये कोई भी आगे नहीं आया है। अधिवक्ताओं द्वारा विगत अनेक वर्शों से दस रूपये का भुगतान प्रत्येक वाद वकालतनामा में प्रत्येक अधिवक्ता ने उत्तर प्रदेष अधिवक्ता कल्याणकारी निधि अधिनियम-1974 की धारा-9 के अनुपालन में दस रूपये के कल्याणकारी टिकट के रूप में राज्य सरकार को किया जाता रहा है जिसका उपयोग अधिवक्ता समाज के लिये विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक सहायता के लिये किया जाना अपेक्षित है।