बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ संपन्न हुआ नुक्कड़ नाटक

प्रयागराज छात्र संगठन और बिगुल मज़दूर दस्ता की ओर से सूरजकुंड स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पर निजीकरण के ख़िलाफ़ नुक्कड़ नाटक खेला गया। नुक्कड़ नाटक से पहले सभा की गई और क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए गए। सभा में बात रखते हुए दिशा छात्र संगठन के अविनाश ने कहा कि दूसरी बार सत्ता में आने के साथ ही मोदी सरकार ने कर्मचारियों मजदूरों और आम मेहनतकश जनता के ऊपर हमलों की रफ्तार और तेज कर दी। श्रम कानूनों में बदलाव करके कर्मचारियों के यूनियन बनाने समेत तमाम अधिकारों को छीन लिया गया है। बिजली रेलवे जैसे तमाम विभागों पर निजीकरण का कहर सबसे ज्यादा टूट रहा है। आपदा को अवसर में बदलने का नारा देने वाली मोदी सरकार ने कोरोना महामारी की आपदा के दौरान निजीकरण की कवायदों को और तेज करते हुए एक तरफ कर्मचारियों कि सुविधाओं में कटौती करना शुरू कर दिया तो दूसरी तरफ बीपीसीएल जैसी कंपनियों की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू कर दिया। बिगुल मजदूर दस्ता के प्रसेन ने कहा कि पिछले दिनों बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपने संघर्ष के दम पर सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया था लेकिन इस संघर्ष को और आगे बढ़ाते हुए सभी विभागों की व्यापक एकजुटता कायम करने की जरूरत है तथा आम जनता के बीच में निजीकरण की पोल खोलने के लिए आगे आने की जरूरत है।

सभा में एनपीएस को रद्द करने, श्रम कानूनों में संशोधन वापस लेने, उदारीकरण-निजीकरण की नीतियों को वापस लेने की माँग की गयी। इस दौरान उपस्थित लोगों से 26 नवंबर की देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की अपील की गई तथा बड़े पैमाने पर पर्चे वितरित किए गए। कार्यक्रम में अमित, नीशु, धर्मराज, शिवा, अंजलि, प्रसेन आदि उपस्थित रहे।