भारतीय लोक सेवा कर्मचारी महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर नगर निगम मुख्यालय पर धरना दिया ।

वरिष्ठ संवाददाता अभिनव शर्मा की रिपोर्ट

भारतीय लोक सेवा कर्मचारी महासंघ के नेतृत्व में प्रदेश के लाखों कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हजरतगंज से नगर निगम मुख्यालय पर धरना दिया । भारतीय लोक सेवा कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्रा ने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों की उपेक्षा की जा रही है। कोविड-19 संक्रमण के समय सरकार ने कुछ ऐसे निर्णय लिए थे।जिससे लाखों कर्मचारी नाराज हैं । हमारी सरकार से मांग है कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल की जाए। राष्ट्रीय वेतन आयोग गठित किया जाए। संविदा कर्मी को विनियमितिकरण व स्थाई नीति हो। निजी करण को रोका जाए। कर्मचारी आचरण नियमावली में सुधार किया जाए। 50 साल की उम्र 30 साल की सेवा पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति किए जाने का विरोध करते हैं। सरकार ने कोरोना से संक्रमित कर्मचारियों की मृत्यु पर पचास लाख की आर्थिक सहायता करने का निर्णय लिया था। लेकिन उसका भी भुगतान नहीं किया । वेतन विसंगति को भी दूर किया जाए। यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है। तो दिसंबर माह में दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश भर से आए हुए कर्मचारी नेता ने अपना विरोध व्यक्त किया। मौके पर (ए सी पी)सेंट्रल राघवेंद्र कुमार मिश्रा ने पहुंचकर भारतीय लोक सेवा कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों से ज्ञापन लेकर सरकार तक पहुंचा कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस धरने में राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्रा, राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्रा ,सर्वेश पाटिल ,सुनील यादव ,कमल श्रीवास्तव सहित अन्य कर्मचारी नेता गण मौजूद रहे।