मंडी शुल्क में दोहरी नीति के विरोध में गल्ला व्यापरियों ने शुरू की छह दिवसीय हड़ताल

जालौन से राहुल दुबे की रिपोर्ट

उरई। मंडी शुल्क में दोहरी नीति अपनाने के विरोध में गल्ला व्यापारियों छह दिवसीय हड़ताल सोमवार से शुरु कर दी। गल्ला व्यापारियों ने कहा कि 26 सितंबर तक जिले भर की गल्ला मंडियां बंद रहेगी। उन्होंने सरकार पर किसानों के साथ व्यापारियों को भी परेशान करने का आरोप लगाया। बाद में मंडी सचिव नरोत्तमदास को ज्ञापन भी सौंपा।
गल्ला व्यापार सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी ने कहा कि सरकार जमीन हकीकत से कोसों दूर है। वह कंपनी राज स्थापित करना चाहती है। जो न तो किसान के हित में है और न ही व्यापारी के हित में है। मंडी शुल्क में दोहरी नीति अपनाई जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान हरीसिंह, हरीशंकर रावत, बासीराम, रामप्रकाश, केदार भारद्वाज, अरविंद, अनिल दुबे, राजेंद्र राजपूत, अभय द्विवेदी, पवन विश्नोई, विश्वेश्वर दयाल, प्रवीण, महेश खरका, रमेश, संजय गुप्ता आदि रहे।
माधौगढ़। गल्ला व्यापारियों ने मंडी के अंदर शुल्क लगाए जाने का विरोध किया है। रविवार को गल्ला व्यापारी संघ ने बैठक कर मंडी निरीक्षक पंकज कुमार श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया। जिसमें 21से 26 सितंबर तक हड़ताल की घोषणा की। व्यापारी संघ अध्यक्ष रघुराज सिंह ने कहा कि मंडियों के बाहर मंडी शुल्क में छूट दी गई थीए जबकि मंडी के अंदर शुल्क लागू किया गया है। जो सरासर गलत है। सरकार दोहरी नीति अपना रही है, जिसको बर्दास्त नहीं किया जा सकता। व्यापारी मुंशी सिपौल्या ने कहा कि कृषि उत्पादन मंडी किसानों के हित के लिए बनाई गई है। फिर भी सरकार विदेशों की तरह यहां भी कानून बना रही है। सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया जाएगा। उधर कोंच में भी गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय रावत के नेतृत्व में गल्ला व्यापारियों ने गल्ला मंडी बंद रखी।