मेगा लेदर फुटवियर एण्ड एक्सेसरी क्लस्टर का शिलान्यास मुख्यमंत्री से तीन महीने के अंदर कराया जाना प्रस्तावित-श्री सतीश महाना

स्टेट हेड दीपक कुमार की रिपोर्ट

मेगा लेदर फुटवियर एण्ड एक्सेसरी क्लस्टर का शिलान्यास मुख्यमंत्री से तीन महीने के अंदर कराया जाना प्रस्तावित-श्री सतीश महाना

क्लस्टर हेतु भूमि अधिग्रहण सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं
आगामी 15 जून तक पूर्ण करने निर्देश

उद्यमियों की सुविधा के लिए क्लस्टर के अन्तर्गत आने वाली सड़कों को
टू-लेन किया जायेगा

पानी के निकासी की बेहतर से बहेतर व्यवस्था होगी

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा कि कानपुर नगर के रमईपुर में स्थापित होने वाले मेगा लेदर फुटवियर एण्ड एक्सेसरी क्लस्टर का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के करकमलों से तीन महीने में कराया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्लस्टर हेतु सभी आवश्यक औपचारिकताएं आगामी 15 जून तक पूर्ण कर ली जाय।
श्री महाना आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मेगा लेदर क्लस्टर की स्थापना से संबंधित कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उद्यमियों की सुविधा के लिए क्लस्टर के अन्तर्गत आने वाली सड़कों को सिंगल लेन की बजाय टू-लेन किया जाय। पानी के निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्लस्टर हेतु यूपीसीडा द्वारा भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। रमईपुर के पास ग्राम समाज की भूमि को क्लस्टर हेतु लिये जाने के लिए शासनादेश जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यूपीसीडा द्वारा क्लस्टर के विकासकर्ता को भूमि 90 वर्ष की लीज पर दी जायेगी।
श्री महाना ने कहा कि निजी उद्यमियों की सहमति के साथ एमएसएमई विभाग द्वारा क्लस्टर का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था, जिसपर सैद्धांतिक सहमति भी प्राप्त हो चुकी है। क्लस्टर हेतु 240.18 एकड़ भूमि यूपीसीडा द्वारा उपलब्ध कराई जायेगी, शेष भूमि एसपीवी द्वारा क्रय की जायेगी। परियोजना हेतु 53 हेक्टेयर ग्राम समाज भूमि का पुनर्ग्रहण किया गया है। विकसित भूखण्डों के आवंटितयों को त्रि-पक्षीय पट्टा किया जायेगा। यूपीसीडा द्वारा क्लस्टर का ले-आउट एवं भवन मानचित्र तैयार कराया गया है। क्लस्टर में आवंटियों को हस्तांरण एवं अन्य प्रमुख सुविधाएं यूपीसीडा के माध्यम से उपलब्ध कराई जायेगी।
श्री महाना ने कहा कि परियोजना के तहत कल्स्टर में 20 एमएलडी क्षमता का दूषित जल ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जायेगी। 250 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना से कानपुर की सभी प्रमुख टैनरियां आच्छादित हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि इस परियोेजना के फलस्वरूप गंगा को निर्मल बनाये रखने की दिशा में भारत सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि कानपुर जनपद में चर्म उद्योग से संबंधित 2125 इकाइयां स्थापित हैं, जिसके माध्यम से 1.20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। इन इकाइयों में प्रतिदिन 75000 जोड़े फुटवेयर का निर्माण होता है और लगभग 6500 करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात भी किया जाता रहा है। इससे प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ का टर्नओवर भी होता था।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास श्री अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव एम0एम0एम0ई0 डा0 नवनीत सहगल सहित यूपीसीडा, लोक निर्माण तथा सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। साथ ही कानपुर के कमिश्नर श्री राजशेखर आॅनलाइन जुड़े थे।