योगी सरकार में राजस्व विभाग के कर्मचारी बेलगाम

संवादाता -संतोष कुमार सिंह हरदोई

नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहीं लेखपाल, क्षेत्रीय जनता परेशान

हरदोई। प्रदेश की योगी सरकार के सख्त रवैये के बावजूद भी अधिकारी और कर्मचारी अपना तरीका बदलने को तैयार नही। बिलग्राम तहसील में अधिकारियों और कर्मचारियों का लापरवाह रवैया जनता के लिए मुशीबत का सबब बना हुआ है। सभी सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों का निर्धारित समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। जिसमे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान नियमतः आफिस में उपस्थित रहना अनिवार्य होता है। अगर विभाग से संबंधित किसी कार्य पर जाना है तो अपने उच्चअधिकारी को अवगत कराते हुए अपना कार्यभार किसी सहकर्मचारी को सौंपकर ही क्षेत्र में राउण्ड पर जाते है।
इसके विपरीत बिलग्राम तहसील में तैनात लेखपाल अंशिका पटेल का रवैया क्षेत्रीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वहीं आज सुबह काम को लेकर लेखपाल अंशिका पटेल से फ़ोन पर बातचीत हुई और मैडम ने ऑफिस में मिलने का समय दोपहर 12 बजे का दिया, जिसके बाद
युवक 12 बजे कड़कड़ाती ठण्ड में अपने गाँव से 22 किलोमीटर दूर बिलग्राम पहुंचे तो देखा मैडम अंशिका पटेल हाज़िरी लगाकर साढ़े 12 बजे ऑफिस से जा रही थी। तभी मैडम को किसी तरह रास्ते में रोककर काम करने की बात कही तो लेखपाल मैडम अंशिका पटेल ने सुमित कनौजिया से मिलकर काम कराने की बात कहते हुए चली गयी और जब मै काम को लेकर राजस्व अधिकारी सुमित कन्नौजिया से मिला तो ज़बाब में सुमित कनौजिया ने काम करने से साफ़ इंकार करते हुए कह दिया कि उनका काम मैं क्यों करूँ। बात भी ठीक है। किसी का काम कोई आखिर क्यों करे। बड़ा सवाल ये है कि जब सरकारी कर्मचारी ही अपने काम की जिम्मेदारी न समझते हुए अपनी हाज़िरी लगाकर विभागीय अधिकारी पर टाल कर अपने निजी काम को चले जाते है। अब बड़ा सवाल ये है कि आखिर आम जनता क्या करें…? और कहां जाय और इस सवाल का जिम्मेदार कौन….? क्या उच्चअधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के इस तरह के रवैये से अंजान हैं? अगर अंजान है तो ये अपने आप में एक बड़ा सवाल है? सरकार के कर्मचारी ही सरकार के नियमों की जमकर धज्जियाँ उड़ा रहे है। आखिर में लापरवाह और गैरजिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्यवाही कब।