रबीउलअव्वल की आठवी को दरियाबाद के बंगला से नहीं निकलेगा अमारी जुलूस

प्रयागराज से ब्यूरो चीफ जफरुल हसन की रिपोर्ट

प्रयागराज ज़िला प्रशासन से वार्ता के बाद तय होगी अमारी जुलूस की रुप रेखा

दरियाबाद के बंगला से पहचान रखने वाले अज़ाखाने से इस वर्ष अय्यामे अज़ा के आखरी दिन जुलूस ए अमारी पर कोरोना ग्रहण का साया मण्डरा रहा है।अमारी जुलूस के वर्तमान कर्ताधर्ता तुराब हैदर ने ज़िला मजिस्ट्रेट व सम्बन्धित थाने से इस सम्बन्ध में गाईड लाईन जारी करने को पत्राचार किया है शुक्रवार तक स्थिति स्पष्ट होने पर जुलूस मे शामिल होने वाली मातमी अन्जुमनों से चर्चा कर जुलूस को सिमित क्षेत्र में या इमामबाड़ा प्रांगड़ मे संचालित करने पर अन्तिम फैसला होगा।
अन्जुमन ग़ुन्चा ए कासिमया के प्रवक्ता सै०मो०अस्करी के मुताबिक लगभग दो सौ वर्षों पूर्व स्व अफसर रज़ा खाँ द्वारा कायम किया गया अमारी जुलूस अपनी पुरानी परम्परा के अनुसार इस वर्ष नहीं निकाला जायगा।अय्यामे अज़ा के आखरी दिन 26 अकतूबर को रबिउल अव्वल की आठवीं को दिन मे ११ बजे दरियाबाद के ऐतिहासिक बंगला न०689 के अन्दर ही सभी पारम्परिक रस्मों को निभाते हुए मजलिस होगी और सभी मातमी अन्जुमन जो गत वर्षों में जुलूस मे भाग लेती थीं वह एक एक नौहा बंगले के अन्दर ही पढ़ेंगी।उसके बाद सभी अन्जुमनों को इमामबाड़ा अरब अली खाँ में जहाँ जुलूस का समापन होता था वहाँ पर सोशल डिस्टेन्स और सभी ऐहतीयाती क़दम उठाते हुए आमंत्रित कर दो दो नौहा पढ़ने की इजाज़त होगी।अस्करी ने बताया की अगर ज़िला प्रशासन से बंगला से इमामबाड़ा अरब अली खाँ के बीच सीमित दूरी की इजाज़त मिल जाती है तो दूसरे विकल्प के तौर पर कम दूरी का जुलूस भी निकाला जा सकता है।
अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया ने अय्यामे अज़ा के बचे दिन की जारी की सूची

करबला के शहीदों के ग़म मे अय्यामे अजा के बचे हुए पाँच दिनों में अज़ाखानो मे होने वाली मजलिस और मातमी कार्यक्रम एक बार फिर से शबाब पर हैं।विभिन्न मातमी अन्जुमनों की ओर से जुलूस शब्बेदारी अमारी जुलूस की जगहा कोरोना के कारण मातमी कार्यक्रम को सीमित करते हुए मनाया जा रहा है।अन्जुमन के प्रवक्ता सै०मो०अस्करी ने बताया की इमामबाड़ा नक़ी बेग में चुप ताजिया की मजलिस ए अज़ा में मौलाना रज़ी हैदर की तक़रीर के साथ दरियाबाद,रानीमण्डी,बख्शी बाज़ार,करैली सहित विभिन्न अज़ाखानों में जिक्रे शोहदाए करबला हो रहा है।करैली अम्मार रिज़वी व रानी मण्डी में शबे ग़म में अन्जुमन गुन्चा ए कासिमया के नौहाख्वानों ने पुरदर्द नौहा पढ़ कर शहीदे करबला को खेराजे अक़ीदत पेश की।अस्करी के अनूसार ४ रबिउल अव्वल ब्रहस्पतवार को बख्शी बाज़ार में अजाखाना अबरार हुसैन में अन्जुमन के महासचिव मिर्जा अज़ादार हुसैन,५ रबिउल अव्वल शुक्रवार को दायरा शाह अजमल मे स्व नूह रिज़वी के आवास पर साँय ७ बजे तथा रात ८:३० पर शाहनूर अलीगंज इमामबाड़ा हातिफ हुसैन में जुलूसे अलवेदा या हुसैन व रात १० बजे शायर मोअज्जम पाशा में, ६ रबिउल अव्वल शनिवार को प्रातः १० बजे शाहगंज अज़ाखाना ज़ायर हुसैन रात्रि ८ बजे शहनशाह सोनवी के आवास पर,७ रबिउल अव्वल रविवार को दिन मे १:३० पर दायरा शाह अजमल स्थित शबीह अब्बास के आवास पर और अय्यामे अज़ा के आखरी दिन ८रबिउल अव्वल को दरियाबाद के अमारी जुलूस में अन्जुमन गुन्चा ए कासिमया अपने साढ़े चार सौ सदस्यों के साथ अलवेदाई नौहा पढ़ते हुए अय्यामें अज़ा को रुखसत करेगी।