राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय मार्केट में उत्पादों के विपणन हेतु सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के कारीगरों तथा उद्यमी को संस्थाओं से जोड़ा जा रहा -डा0 नवनीत सहगल

ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान लाकडाउन की अवधि में उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड एवं फ्लिपकार्ट द्वारा मिलकर लगभग 60 लाख व्यक्तियों तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की गई। मुख्य रूप से मेघदूत ग्रामोद्योग के हर्बल उत्पाद तथा आयुष क्वाथ, इम्यूनिटी बूस्टर काढा, हैण्ड सैनिटाइजर, नीम वटी, गिलोय वटी, च्यवनप्राश आदि के माध्यम से लोगो को उनकी आवश्यकता के अनुसार घरों में पहुंचाने का कार्य किया गया।
इस कार्य को फ्लिपकार्ट ने 40 कर्मचारियों की विशेष टीम बना कर अंजाम दिया।

अप्रैल-मई माह में लाॅकडाउन के दौरान मेघदूत हर्बल द्वारा लगभग एक करोड की कीमत के लगभग 30 हजार उत्पादों का बिक्रय किया गया। इसका सीधा लाभ शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवास कर रहे तथा मदद की आशा को संजोये व्यक्तियों को प्राप्त हुआ और लाखों लोगो के जीवन को बचाने में सहायक हुआ। इस सफलता का दूसरा पहलू यह रहा है कि मेघदूत ग्रामोद्योग के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की उन तमाम इकाईयों को प्रोत्साहन मिला तथा इन इकाईयों से जुडे़ कामगारों का आर्थिक संवर्धन हुआ जो कही न कही इन उद्यमियों के आर्थिक स्तर को ऊपर उठाने में सहायक हुआ।

अपर मुख्य सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग डा0 नवनीत सहगल के अनुसार शासन का यह लक्ष्य है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जो छोटे-2 कारीगर/उद्यमी है, उन्हें आॅनलाइन मार्केटिंग करने वाले अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे सिंस्थाओं से जोड़ने से राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय मार्केट में उत्पादों के विपणन में आसानी होगी, जिससे ग्रामीण उद्यमियों द्वारा उत्पादित उत्पाद का बेहतर मूल्य भी उन्हें प्राप्त होगा। साथ ही उनकी आय में वृद्धि भी होगी। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड एवं फ्लिपकार्ट के मध्य एम0ओ0यू0 किया गया है और सरकार की मंशा के अनुरुप बोर्ड का यह प्रयास है कि विपणन के बेहतर अवसर पैदा करके लोगो को आत्मनिर्भर बनाया जायें, जिससे प्रदेश के सर्वांगीण आर्थिक विकास में एक अच्छा योगदान प्राप्त हो सकें।