वाल्मिकी समाज ने निकाला कैडिल मार्च

Kaashanj

Bureau chief-Ashok Sharma

उत्तर प्रदेश मैं योगी आदित्यनाथ जी की सरकार महिला की सुरक्षा को लेकल बडे बडे दाबे करती है।लेकिन उस दाबे की जमीनी हकीकत कुछ और है। हाथरस जनपद के चँदपा गाँव मे दलित युवती मनीषा के सग बल्तकार के बाद जीभ काटना व रीड की हड्डी को तोडना पूर्व मैं दिल्ली मैं हुई निभ्रृया घटना की यादो को ताजा कर देता है।दो सप्ताह तक जिन्दगी मौत से जूझती रही मनीषा ने दिल्ली के सफदरजंग हास्पिटल मैं अन्तिम साँस ली।वहीं मनीषा की मौत की खबर मिलते हैं वाल्मिकी समाज मैं सरकार व बल्तकारी भेडियो के खिलाफ सडक पर कैडिल मार्च करते हुऐ नारेबाजी की मनीषा के हत्यारों को फाँसी दो।वहीं वाल्मिकी समाज के लोगों ने गाँधी मूर्ति पर सोई हुई सरकार को जगाया कि यदि इन हत्यारों की गिरफ्तारी नही हुये तो दलित समाज सडक पर उतरकर आन्दोलन करने को बाध्य होगा।और कोई भी समाज का व्यक्ति शहर की सफाई व्यवस्था ढप कर देगा।वहीं इस घटना को लेकर लगता है कि अब महिला का योगी आदित्यनाथ सरकार मैं सुरक्षित नहीं है।