शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस में 7.5% की बढ़ोतरी, UP में नई आबकारी नीति

ब्यूरो रिपोर्ट:

उत्तर प्रदेश में नई आबकारी नीति को योगी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. जिसके तहत वर्ष 2020-21 के अनुमानित राजस्व 28,340 करोड़ के सापेक्ष वर्ष 2021-22 में 34,500 करोड़ रुपये का राजस्व योगी सरकार को मिलने की संभावना है. इस दौरान देशी-विदेशी मदिरा के साथ मॉडल शॉप के वार्षिक लाइसेंस की फीस में भी बढ़ोतरी कर दी गई है. जिससे सरकार को करीब 5000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा.

योगी सरकार ने आबकारी विभाग से अगले वित्तीय वर्ष में 6000 करोड़ बढ़ाकर 34,500 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश में शराब उत्पादन का प्रोत्साहन किया गया है. नई नीति का मकसद ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और गुड गवर्नेंस को बढ़ावा देना है. आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी के मुताबिक देशी मदिरा, विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों और मॉडल शॉप की वर्ष 2021-22 के लियेवार्षिक लाइसेंस फीस में 7.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है. बीयर की फुटकर दुकान लाइसेंस फीस में कोई वृद्धि नहीं की गई है. उपभोक्ताओं को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण शराब उपलब्ध कराने के लिए ग्रेन ईएनए से निर्मित उच्च गुणवत्ता युक्त यूपी मेड लिकर की टेट्रा पैक में बिक्री देशी शराब की दुकानों से अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य 85 रुपये में की जायेगी.

लेकिन देशी शराब के अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है. आबकारी विभाग की समस्त प्रक्रियाओं को कम्प्यूटराज्ड कर इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर फुटकर दुकानों से बिक्री भी POS मशीन से कराई जायेगी. संजय आर. भूसरेड्डी आगे बताते है कि नई नीति के तहत प्रदेश में शराब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में उत्पादित फल से प्रदेश में निर्मित शराब आगामी 5 वर्ष के लिए प्रतिफल शुल्क से मुक्त होगी. विंटनरी अपने परिसर में स्थानीय उत्पादित वाइन की फुटकर बिक्री कर सकेगी. विंटनरी परिसर में एक वाइन टैवर्न भी स्थापित किया जा सकेगा. जहां वाइन को पसंद करने वालों को वाइन टेस्टिंग की अनुमति होगी.