संभल में सिपाही प्रकरण में नया मोड़, हैड कांस्टेबल व रसोईया के खिलाफ हत्या में मुकदमा दर्ज

संभल मुबारक अली की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश जनपद संभल के हयातनगर थाना इलाके की कस्बा पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही अंकित यादव का 27 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में पुलिस चौकी के अंदर शव मिला था। जिसके बाद पुलिस महकमें में हडकंप मच गया था। एसपी, एएसपी समेत तमाम आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पहुंचकर साक्ष्य जुटाये। जिसमें पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि सिपाही अंकित यादव ने सरकारी पिस्टल से स्वयं गोली मारकर आत्महत्या की है लेकिन परिजनों के संभल पहुंचने के बाद अब पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों की तहरीर पर अब पुलिस ने पुलिस चौकी पर ही तैनात हैड कांस्टेबल व निजी रसोईया के खिलाफ हत्या में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं मृतक सिपाही के परिजनों ने संभल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किये हैं।

:- बिजनौर जिले के चांदपुर इलाके के खेड़की गांव का रहने वाला 2015 बैच का सिपाही अंकित यादव ढाई महीने पहले हरदोई जिले से ट्रांसफर होने पर संभल जिले में आया था जिसके बाद सिपाही अंकित यादव को हयातनगर थाने की हयातनगर कस्बा पुलिस चौकी पर तैनाती मिली थी. अंकित यादव ढाई महीने से हयातनगर पुलिस चौकी पर तैनात था मंगलवार दोपहर करीब एक बजे करीब सिपाही का संदिग्ध परिस्थितियों में पुलिस चौकी के अंदर शव मिला था। घटना के समय पुलिस ने मामला आत्महत्या का बताया था लेकिन परिजनों के पहुंचने के बाद घटना में नया मोड आ गया । पुलिस ने मृतक सिपाही के पिता राजवर्धन सिंह की तहरीर पर हैड कांस्टेबल देवेन्द्र सिंह व निजी रसोईया अमित के खिलाफ हत्या के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि जिस पिस्टल से अंकित के द्वारा आत्महत्या करना बताया था लेकिन वह पिस्टल हैड कांस्टेबल देवेन्द्र के नाम जारी हुई थी तो वह पिस्टल अंकित के पास कैसे पहुंची वहीं परिजनों का आरोप है कि उन्हे सूचना मिलते ही वह तुरंत संभल पहुंच गए लेकिन पुलिस ने जल्दबाजी करते हुए अंकित का शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। वहीं अब पुलिस ने हत्या में मुकदमा दर्ज कर अलग अलग बिन्दुओं पर जांच शुरू कर दी है।