सार्वजनिक स्थल पर थूकने पर पाबंदी, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

जालौन से राहुल दुबे की रिपोर्ट

गर्भवती को तंबाकू से होने वाले नुकसान से बचाने में करें मदद
जालौन। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत को हेल्थ प्रोफेशनल का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सीएमओ कार्यालय स्थित अचल प्रशिक्षण केंद्र में किया गया। इसमें चिकित्सा अधिकारीए कम्युनिटी हेल्थ आफिसर, स्टाफ नर्स, बीसीपीएम आदि मौजूद रहे।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बीएम खैर ने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन ने सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर सख्ती से पाबंदी लगा दी है। यही नहीं अब सार्वजनिक स्थान पर थूकने को दंडनीय भी बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी हेल्थ आफिसर (सीएचओ) की भी जिम्मेदारी है कि वे लोगों को जागरुक करें। खासतौर से जो भी गर्भवती महिलाएं उनके पास इलाज के लिए आए तो उन्हें समझाए कि जहां भी सिगरेट आदि का नशा हो रहा होए वहां से वे दूर हट जाए। साथ ही गुटका, तंबाकू का सेवन कतई न करें। यह उनके और उनके गर्भस्थ शिशु के लिए नुकसानदेह है।
जनपदीय तंबाकू नियंत्रण सलाहकार तृप्ति यादव ने बताया कि कैंसर से होने वाला सबसे बड़ा योगदान तंबाकू का ही होता है। तंबाकू सेवन से फेफड़े का कैंसर, मुंह का कैंसर, गले और श्वसन नली का कैंसर हो सकता है। तंबाकू में हानिकारक निकोटिन और कार्बन मोनो आक्साइड रहता है। जिसकी वजह से हार्ट अटैक की संभावना रहती है। सिगरेट, बीडी के धुएं से निकलने वाली कार्बन मोनो आक्साइड जहरीली गैस होने के साथ साथ शरीर में आक्सीजन की मात्रा को कम कर देती है। जिससे शरीर के कई प्रमुख अंग काम करना बंद कर देते है।
जिला अस्पताल में तैनात काउंसलर महेश कुमार ने बताया कि जो भी व्यक्ति तंबाकू छोडऩा चाहे तो वह जिला अस्पताल आकर काउंसलिंग और निकोटिक्स च्विगम के माध्यम से तंबाकू छोड़ सकता है। इस दौरान डीसीपीएम डा. धर्मेंद्र. चिकित्साधिकारी डा. तारा शहजानंद, डा. सत्यम सिंह, डा. शिप्रा राजपूत, जपाइगो संस्था के कोआर्डिनेटर डा. विकास, परिवार नियोजन सलाहकार ज्ञानप्रकाश पांडेय आदि रहे।