सीएम की कुर्सी के लिए कांग्रेसी रात में भी करवटें बदलते रहते हैं: शिवराज

भोपाल। युवा मतदाताओं को साधने के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा टाउन हॉल का आयोजन किया गया। रवींद्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर हुए टाउन हॉल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को रह-रहकर मुख्यमंत्री की कुर्सी याद आती है। रात में भी वे इसके लिए करवटें बदलते रहते हैं, उन्हें नींद नहीं आती।

शिवराज ने कहा कि कांग्रेस के राजा-महाराजाओं को यह बात हजम नहीं होती कि एक गरीब घर का लड़का इतने सालों तक मुख्यमंत्री कैसे रह सकता है। इसलिए वे मुझ पर आरोपों की बौछार करते रहते हैं। चौहान ने युवाओं से एक महीने का समय मांगा। उन्होंने कहा कि आज 28 अक्टूबर है और सभी युवा 28 नवंबर तक का समय देने का वादा करें। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडेय भी मौजूद थे।

मप्र को इंग्लैंड, अमेरिका से अच्छा बनाऊंगा

शिवराज ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता गुलामी की है। मैंने अमेरिका में मप्र की सड़क की तारीफ की तो हल्ला मचा दिया। उन्होंने कहा, मैं वादा करता हूं कि मप्र को इंग्लैंड और अमेरिका से अच्छा बनाऊंगा। आने वाले सालों में मप्र को आईटी डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म का हब बनाया जाएगा।

टाउन हॉल में स्कूली बच्चों को बुलाया

भाजपा का यह कार्यक्रम नव मतदाताओं के लिए बुलाया गया था, लेकिन कार्यक्रम में कई स्कूलों के बच्चों को भी बैठा दिया गया। स्कूली बच्चों ने बताया कि स्थानीय पार्षद उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का कहकर लेकर आई थीं। इन बच्चों को कक्षाएं छोड़कर यहां बैठना पड़ा।

नाम टाउन हॉल, अकेले भाषण देकर चले गए

युवा मोर्चा ने कार्यक्रम का नाम टाउन हॉल दिया था, लेकिन कार्यक्रम में सिर्फ एकतरफा संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कामों का बखान किया और युवाओं के साथ सेल्फी लेकर चले गए। जबकि टाउन हॉल की अवधारणा है कि नेता से वहां मौजूद जनसमुदाय भी सवाल पूछता है।

दो बार गिरी दीनदयाल की फोटो

मंच से जब मुख्यमंत्री भाषण दे रहे थे तो हवा चलने लगी। हवा चलते ही भाजपा द्वारा लगाई गई पंडित दीनदयाल उपाध्याय की फोटो नीचे गिर गई। यह घटना दो बार हुई, जब फोटो नहीं टिक पाई तो एक कार्यकर्ता को फोटो पकड़कर खड़े होना पड़ा। कार्यक्रम में अव्यवस्थाओं का आलम यह रहा कि युवाओं को फेंक-फेंककर खाने के पैकेट दिए गए और इसके लिए भारी धक्का-मुक्की हुई। सीएम के साथ सेल्फी लेने के दौरान भी मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों के साथ कुछ कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की भी हुई।