हजरत इमाम हुसैन सिर्फ एक समुदाय के नहीं बल्कि इन्सानियत को ज़िन्दा रखने की मिसाल हैं* (अंकित कुमार)

प्रयागराज से ब्यूरो चीफ जफरुल हसन की रिपोर्ट

प्रयागराज एक सोच संस्था ने इमाम हुसैन के नाम पर भूखों को खाद्ध सामाग्री और पानी की बोतलें वहीं नंगे पैरों को चप्पलें और रिक्शा चालकों को अंगौछा आदि वित्रित किया””””””

सामाजिक,शैक्षणिक एवं ग़रीबी उन्मुलन के लिए लॉ के छात्रों द्वारा बनाई गई एक सोच संस्था की ओर से हज़रत इमाम हुसैन के नाम पर सिविल लाईन्स स्थित बस अड्डा चौराहा तथा हनूमान मन्दिर के बाहर ग़रीबों,असहायों व ज़रुरतमन्दों को मास्क,सैनिटाईज़र के साथ गमछा,पानी की बोतल,बिस्किट के पैकेट,नमकीन के पैकेट,प्लास्टिक की बोतलें,ज़रुरतमन्दों को चप्पल आदि बाँटी गई।संस्था के अंकित कुमार ने इमाम हुसैन द्वारा इन्सानियत की खातिर अपने पूरे कुनबे को क़ुरबान कर देने की १४०० साल पहले इराक़ के करबला में घटित घटना से प्रेरित होकर ग़रीबो असहायों और ज़रुरतमन्दों के बीच खाद्ध सामाग्री और पानी देकर लोगों को इन्सानियत के मार्ग पर चलने की बात कही।कहा इमाम हुसैन सिर्फ एक मज़हब के लिए नहीं बल्कि सभी धर्म जातियों को इन्सानियत का पैग़ाम देने को अपने खानदान के बूढ़े बच्चों सहित आतंकवाद का शिकार हो गए।सोच एक संस्था के फाउण्डर सै०मो०अब्बास हुसैन ने हज़रत इमाम हुसैन की इन्सानियत की खातिर अपने भरे खानदान को क़ुरबान कर देने और हिन्दुस्तान से उनकी बेपनाह मोहब्बत का ज़िक्र करते हुए कहा की जब करबला के मैदान मे इमाम हुसैन को यज़ीदी लश्कर ने घेर लिया और क़त्ल करना चाहा तो उनहोने खून खराबे से बचने की खातिर भारत मे आने की इच्छा ज़ाहिर की यही वजहा है की आज इमाम हुसैन को चाहने वालों मे हर धर्म और मज़हब के लोग शामिल रहते हैं। सै०मो०अब्बास हुसैन,अंकित कुमार,आशूतोष कुमार श्रीवास्तव,आदिल रज़ा,अली जाफर,फरदीन खान,ताबिश नक़वी,नासिर हुसैन,अफज़ल अन्सारी,बशर ऐजाज़,अफज़ल मिर्ज़ा,इन्तेज़ार मेंहदी आदि लॉ के छात्र काले वस्त्र पहन कर हज़रत इमाम हुसैन के चेहलूम से पूर्व लोगों को दुनिया के पहले आतंकवादी यज़ीदी सेना द्वारा मात्र बहत्तर लोगों को करबला के मैदान मे तीन दिन का भूखा प्यासा शहीद कर देने की घटना से अवगत कराते हुए न्याय और हक़ पर चलने की नसीहत देते हुए समाज के सभी लोगों को लेकर आगे बढ़ने की बात कही।समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष सै०इफ्तेखार हुसैन के पुत्र मो०अब्बास हुसैन ने इससे पहले भी जाड़े में ग़रीबों को कम्बल आदि बाँटते रहे हैं वहीं लॉकडाउन के दौरान ग़रीब बस्तियों मे खाद्ध सामाग्री और सूखा राशन सहित फल आदि भी बाँट चूके हैं।बच्चों का हौसला बढ़ाने को सै०इफ्तेखार हुसैन,रविन्द्र यादव एडवोकेट,ज़ैद एडवोकेट,अब्बास नक़वी शेरु,दान बहादुर,सै०मो०अस्करी,ओ पी यादव आदि मौजूद रहे।