हरदोई में बैंकों में जुगाड़ नहीं तो काम नहीं

बैंको में नियम कायदे ताख पर जुगाड़ से होता काम

संवाददाता संतोष कुमार सिंह हरदोई

हरदोई, पिहानी की ग्रामीण बैंक आफ इंडिया में भारी भीड़ से परेशान किसानों ने बैंक कर्मचारियों पर लगाए दलाली और घूसखोरी के गंभीर आरोप।
कोरोना महामारी के चलते लोगों का कारोबार ठप है और लोगों को जिंदगी जीने के लिए हर मोड़ पर पैसों की जरूरत पड़ती है। ये गरीब मजबूर और बेसहारा इनमे 70 से 80 साल की बुजुर्ग महिलाऐं भी शामिल है। ये किसान अपने खून पसीने की कमाई की पाई-पाई जोड़कर पेट काटकर आपात कालीन जरुरत के लिए बैंक में पैसे इकठ्ठा करते है। और जब इनको जरुरत होती है। तब एक दिन नहीं बल्कि कई दिन तक लगातार बैंक से अपना पैसा लेने के लिए बैंक के बाहर धूप में लाइन लगाकर खड़ा होना पड़ता है। ये 80 साल के बुजुर्ग जिन्हें चलने में मुसीबत होती होती है। वो सुबह 8 बजे पैसा लेने के लिए बैंक के बाहर लाइन में लग जाते हैं और शाम को 4 बजे के बाद बिना पैसा दिए इन्हें बैंक से वापस कर दिया जाता है। और कहा जाता है कि समय पूरा हो गया कल आइये। ये बैंक के भीतर एसी में बैठे बैंक कर्मचारियों को इन गरीबों के दर्द का एहसास कैसे हो।
वही बैंक में पैसा लेने आये बुजुर्गो और किसानों से बातचीत की तो उनका दर्द छलक आया और रोते हुए बताया कि किसी के बच्चे सुबह से भूखे हैं तो किसी ने बताया इलाज के लिए पैसे की जरुरत है।तो किसी ने कुछ अपनी समस्याएं बताई वही बाहर इकट्ठा भीड़ ने बैंक प्रबंधक प्रदीप कुमार मिश्रा पर आरोप लगाते हुए बताया कि बैंक में दलाल सेट है अगर आपको काम करना है तो दलालों से मिलो पैसे ढीले करो तुरंत काम कराओ और घर जाओ। बैंक परिसर में कोई नियम कानून नहीं है। जुगाड़ लगाओ और काम कराओ के सिद्धांत पर बैंक कर्मचारी काम करते हैं।