किसान आंदोलन : दिल्ली हिंसा के बाद 400 से अधिक किसान लापता, दिल्ली पुलिस पर किसान संगठनों ने लगाये ये गंभीर आरोप

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस (Republic Day Violence) पर ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के बाद से 400 से अधिक प्रदर्शनकारी किसान लापता हैं. पंजाब के किसान संगठनों और धार्मिक संगठनों ने 400 अधिक किसानों व नौजवानों के लापता होने का आरोप लगाया है. बता दें कि वहीं अभी तक केवल 18 किसानों के बारे में पुलिस ने बताया है कि उन्हें गिरफ्तार किया गया है. बाकी किसानों का कुछ भी अता-पता नहीं चल रहा है, जिससे उनके परिजन परेशान हैं.

बता दें कि पंजाब से जुड़े कई किसान संगठनों और धार्मिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली हिंसा के दौरान 400 से ज्यादा युवा और बुजुर्ग किसान लापता हैं. वहीं कुछ संगठनों ने यह भी आरोप लागाया है कि लापता लोग दिल्ली पुलिस के हिरासत में है. वहीं अमृतसर लाखड़ा मिशन नाम के संस्थान से मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का भी फैसला किया है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दावा किया है कि किसान आंदोलन की शुरुआत से ही पाकिस्तान की तरफ से बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश हो रही है. सीमा पार से ड्रोन के जरिये पंजाब में हथियार भेजने का मामला बढ़ गया है.

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि हमारे जो लोग जेल में बंद हैं वो रिहा हो जाएं फिर बातचीत होगी। प्रधानमंत्री ने पहल की है और सरकार और हमारे बीच की एक कड़ी बने हैं. किसान की पगड़ी का भी सम्मान रहेगा और देश के प्रधानमंत्री का भी. बता दें कि गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद खत्म होते दिख रहे आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आंसूओं ने एक बार फिर संजीवनी दे दी है.