Madhya Pradesh : भोपाल और इंदौर बनेंगे मेट्रोपोलिटन एरिया, आसपास के शहर होंगे शामिल

भोपाल। भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन एरिया घोषित करने का कई सालों से टल रहे प्रस्ताव पर अब राज्य सरकार फिर सक्रिय हो गई है। शनिवार को शहरी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन एरिया बनाया जाए।

इसमें दोनों शहरों के आसपास के छोटे शहरों को भी शामिल करें। नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नवंबर में संभावित नगरीय निकाय चुनावों से पहले भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन एरिया घोषित कर दिया जाएगा और इसके लिए मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी का गठन भी हो जाएगा।

मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी भोपाल और आसपास के शहरों के बड़े प्रोजेक्ट की प्लानिंग और उसे अमल में लाने का काम करेगी। खासतौर पर मोबिलिटी प्लान, वाटर सप्लाई, सीवरेज और जमीन का उपयोग जैसे काम नगरीय निकायों के समन्वय के साथ अथॉरिटी करेगी।

मेट्रो के लिए भी जरूरी

भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन एरिया नोटिफाई करना मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के मद्देनजर भी जरूरी था। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार और अन्य वित्तीय एजेंसियों से फंड तभी मिलता जब दोनों भोपाल, इंदौर को मेट्रोपोलिटन एरिया नोटिफाई किया जाए।

मेट्रोपोलिटन एरिया में यह शहर हो सकते हैं शामिल

भोपाल : सीहोर, रायसेन, मंडीदीप।

इंदौर : देवास, पीथमपुर, धार।

हर घर में नल कनेक्शन के लिए बनेगा राइट टू वाटर अधिनियम

राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बैठक में तय हुआ है कि अब राइट टू फूड और राइट टू एजुकेशन की तर्ज पर शहरी क्षेत्र के लोगों के लिए राइट टू वाटर एक्ट भी बनेगा। कानून की रूपरेखा पर फिलहाल सरकार में विचार-विमर्श चल रहा है। इस एक्ट में पेयजल के लिए हर घर में नल कनेक्शन के साथ-साथ अन्य कार्यों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रावधान किए जाएंगे।

सभी ननि के लिए बनेगी स्मार्ट सिटी पॉलिसी

राज्य सरकार अब खुद अपनी स्मार्ट सिटी पॉलिसी बनाने जा रही है। इसका फैसला भी शनिवार की बैठक में हुआ। सूत्रों के मुताबिक स्मार्ट सिटी पॉलिसी में मप्र की सभी 16 नगर निगमों को शामिल किया जाएगा। सभी नगर निगमों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार अपनी तरफ से फंड देगी। पॉलिसी में स्मार्ट सिटी के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा।

मास्टर प्लान में रिंग रोड अनिवार्य

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने निर्देश दिए कि सभी शहरों के मास्टर प्लान में रिंग रोड का अनिवार्य रूप से प्रावधान किया जाए, ताकि शहर में ट्रैफिक का दबाव न बढ़े। इसके साथ ही शहर की विस्तार की संभावनाओं पर भी फोकस किया जाए। बैठक में नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, मुख्य सचिव एसआर मोहंती, प्रमुख सचिव संजय दुबे, आयुक्त गुलशन बामरा सहित कई अधिकारी मौजूद थे।