बांग्लादेश में अवामी लीग ने दर्ज की शानदार जीत, शेख हसीना चौथी बार बनेगी प्रधानमंत्री

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ब्यूरो रिपोर्ट समाचार भारती-

ढाका – बांग्‍लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने आम चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। देश की मुख्‍य विपक्षी पार्टी ने आम चुनावों के परिणाम को खारिज कर दिया है, जिसके बाद चुनाव आयोग ने अवामी लीग की जीत की घोषणा कर दी है। हालांकि, चुनाव आयोग ने धांधली के आरोपों की जांच भी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हसीना को फोन कर जीत की बधाई भी दी है।

बता दें कि बांग्‍लदेश में आम चुनाव के दौरान पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पों के बीच मरने वालों की संख्‍या 17 पहुंच गई है। विपक्षी दलों को कहना है कि ये चुनाव निष्‍पक्ष नहीं हुई हैं। ऐसे में विपक्षी हार को देखते हुए बांग्लादेश के मुख्य विपक्षी एनयूएफ गठबंधन ने आम चुनावों के परिणाम को खारिज कर दिया है और निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के अधीन फिर से चुनाव कराने की मांग की है। एनयूएफ में मुख्य दल बीएनपी है।

मीडिया खबरों के मुताबिक, आवामी लीग के नेतृत्व में बने गठबंधन ने 300 में से 266 सीटों पर जबरदस्त जीत दर्ज की है। स्‍थानीय चैनल डीबीसी टीवी ने बताया कि 300 में से 299 सीटों के नतीजे आ गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि आवामी लीग ने जहां 266 सीटों पर जीत दर्ज की है, वहीं इसकी सहयोगी जतिया पार्टी ने 21 सीटें अपने कब्जे में की हैं। वहीं विपक्षी गठबंधन नैशनल यूनिटी फ्रंट महज 7 सीटों पर जीत दर्ज कर सका।

इस बीच शेख हसीना को बधाइयां मिलनी भी शुरू हो गई हैं। भाजपा नेता राम माधव ने ट्विटर पर शेख हसीना की पार्टी को बधाई दी। उन्‍होंने लिखा की बांग्‍लादेश में शांति स्‍थापित करने के लिए अवामी लीग की जीत काफी महत्‍वपूर्ण है। शेख हसीना को चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए बधाई।

300 सदस्यों वाली संसद में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 151 है। रविवार को हिंसा और तनाव के बीच मतदान संपन्न हुआ। हिंसा में एक सुरक्षाकर्मी और सत्ताधारी दल और विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं सहित कम से कम 17 लोग मारे गए हैं। विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने सत्ताधारी दल पर धांधली करने के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने चुनाव को खारिज कर दिया है और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। चुनाव अयोग ने कहा कि वह शिकायतों की जांच कर रहा है।

आयोग के मुताबिक, इस चुनाव में कुल 1848 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। कुल 300 में से 299 संसदीय सीटों के लिए कराए गए चुनाव में 40183 मतदान केंद्र बनाए गए थे। प्रत्याशी का निधन होने के बाद एक सीट पर मतदान नहीं हुआ है। चुनाव में कई हजार सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों सहित छह लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।

भ्रष्टाचार के आरोपों में 10 साल की जेल की सजा पा चुकी खालिदा जिया के चुनाव लड़ने पर पाबंदी है। ढाका जेल में बंद बीएनपी की नेता आंशिक रूप से पक्षाघात की शिकार हो चुकी हैं। जबकि रहमान कानून से बचने के लिए लंदन में रह रहे हैं। रहमान को 2004 की एक रैली पर हथगोले से हुए हमले की साजिश रचने के मामले में उम्रकैद की सजा दी गई है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना रविवार को गोपालगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र से एक तरह से निर्विरोध चुनाव जीत गयीं। उन्हें 2,29,539 वोट मिले जबकि मुख्य प्रतिद्वंद्वी बीएनपी के उम्मीदवार को महज 123 वोट मिले।चुनाव आयोग ने शाम में आधिकारिक तौर पर हसीना की जीत की घोषणा की। वहीं आवामी लीग के टिकट पर चुनाव लड़े बांग्लादेश वनडे क्रिकेट टीम के कप्तान मशर्फे बिन मुर्तजा ने जीत दर्ज की। मुर्तजा को 2 लाख 74 हजार 418 वोट मिले। इधर खालिदा जिया की बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने 287 उम्मीदवार उतारे थे।

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