कानपुर एनकाउंटर: विकास दुबे को दारोगा ने ही दी थी रेड की जानकारी, कॉल डिटेल में कई चौंकाने वाले खुलासे

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश के कानपुर में जिले में घटी घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। यूपी के कानपुर जिले से सटे बिकरु गांव में शुक्रवार को तड़के पुलिस और विकास दुबे गिरोह के बीच हुई खूनी मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने विकास दुबे को पकड़ने के लिए खोजबीन तेज कर दी है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इस इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिर कैसे विकास दुबे के घर पर दबिश देने गई टीम पर अपराधियों ने साजिश बनाकर हमला कर दिया। इधर घटना से संबंधित एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कहा जा रहा है कि चौबेपुर थाने के ही एक दारोगा ने ही विकास दुबे को पुलिस रेड की सूचना पहले ही दे दी थी।

दरअसल एसआईटी ने विकास दुबे के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड निकलवाए हैं, जिसमें कई पुलिसवालों के नंबर निकले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन पुलिसवालों में एक नाम चौबेपुर थाने के दरोगा का भी है, जिसने विकास को रेड की सूचना पहले ही दे दी थी। खबरों के मुताबिक एसआईटी को विकास दुबे के संपर्क में रहने वाले एक दरोगा, एक सिपाही और एक होमगार्ड पर शक है। तीनों से ही पूछताछ की जा रही है। बता दें कि इस मामले में अभी तक 12 लोगों को हिरासत लिया गया है। इन सभी को विकास दुबे के कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर उठाया गया है। इन सभी लोगों की पिछले 24 घंटे में विकास से बात हुई थी।

विकास दुबे की खोज में एसआईटी और पुलिस की टीम लगी हुई है। हालांकि, अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली है। 24 घंटे बाद भी यूपी पुलिस की हाथ खाली है, विकास दुबे और इस घटना को अंजाम देने वाले उसके गिरोह के लोगों का पता नहीं चल पाया है। विकास दुबे की खोज में पुलिस की करीब 20 टीमें अभी अलग-अलग जिलों में उसकी तलाश में जुटी हैं। एक टीम लखनऊ स्थित उसके घर पर भी डटी हुई है। पुलिस ने उसके ऊपर 50 हजार रुपए का इनाम भी रखा है। अब तक विकास समेत 35 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

बता दें कि विकास दुबे के खिलाफ कानपुर के थाने में 60 एफआईआर दर्ज है। शुक्रवार को एक मामले की जांच के लिए कानपुर पुलिस बिकरु गांव गई थी। इसी समय विकास दुबे के गुर्गों ने जेसीबी मशीन लगाकर पुलिस का रास्ता बंद कर दिया। जैसे ही पुलिसकर्मी आगे बढ़े तो विकास के गुर्गों ने तीन दिशाओं से उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें सर्कल ऑफिसर (डीएसपी) और 3 सब इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 7 घायल हैं।

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