अर्थव्यवस्था में सुस्‍ती! 6 साल में सबसे धीमी विकास दर, जून तिमाही में घटकर 5% रह गई GDP ग्रोथ

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मुम्बई। अर्थव्‍यवस्था के मोर्चे पर मुश्किलों का सामना कर रही मोदी सरकार को विकास दर यानी GDP ग्रोथ के आंकड़ों ने जोरदार झटका दिया है. बीती जून तिमाही में देश की विकास दर घटकर 5 फीसदी पर आ गई. इसका मतलब यह कि अप्रैल-जून 2019 की अवधि में देश की अर्थव्यवस्था पांच फीसदी की दर बढ़ी है. पिछले तकरीबन 6 साल में यह सबसे धीमी विकास दर है. केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (CSO) की ओर से शुक्रवार को जारी चालू वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के जीडीपी आंकड़े जारी किए. आंकड़ों से साफ है कि मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीकल्चर सेक्टर में जबरदस्त गिरावट ने जीडीपी ग्रोथ को जोरदार झटका दिया है.

सीएसओ की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट गिरकर ​महज 5 फीसदी रह गई है. इससे पहले ​मार्च तिमाही में जीडीपी 5.80 फीसदी थी. जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही विकास दर 8 फीसदी दर्ज की गई थी. बीते 25 तिमाहियों (6 साल से अधिक) में यह सबसे कम जीडीपी ग्राथ रेट है.

इससे पहले, 2012-13 की अप्रैल-जून तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 4.9 फीसदी के निचले स्तर दर्ज की गई थी. वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में  बाजार को विकास दर 5.7 फीसदी रहने की उम्मीद थी. साल 2013 के बाद देश की जीडीपी ग्रोथ का यह सबसे बुरा दौर है.

Q1 में किस सेक्टर्स का क्या है हाल
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर: Q1FY20 में महज 0.6 फीसदी ग्रोथ, Q1FY19 में 12.1 फीसदी
  • एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट्री तथा फिशिंग सेक्टर: Q1FY20 में 2 फीसदी, Q1FY19 में 5.1 फीसदी
  • माइनिंग सेक्टर: Q1FY20 में 2.7 फीसदी, Q1FY19 में 0.4 फीसदी
  • इलेक्ट्रिसिटी, गैस, वाटर सप्लाई तथा अन्य यूटिलिटी सेक्टर: Q1FY20 में 8.6 फीसदी, Q1FY19 में 6.7 फीसदी
  • कंस्ट्रक्शन सेक्टर: Q1FY20 में 5.7 फीसदी, Q1FY19 में 9.6 फीसदी
  • ट्रेड, होटेल्स, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन तथा सर्विसेज: Q1FY20 में 7.1 फीसदी, Q1FY19 में 7.8 फीसदी
  • फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज: Q1FY20 में 5.9 फीसदी, Q1FY19 में 6.5 फीसदी
  • पब्लिक ऐडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस तथा अन्य सेवाएं: Q1FY20 में 8.5 फीसदी, Q1FY19 में 7.5 फीसदी
घरेलू और ग्लोबल कारणों से ग्रोथ सुस्त: CEA

मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम ने कहा है कि घरेलू और ग्लोबल वजहों से जीडीपी ग्रोथ में सुस्ती आई है. सरकार अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कई तरह के कदम उठा रही है. जल्द ही अर्थव्यवस्था ऊंची विकास दर के रास्ते पर जाएगी. सुब्रमण्यम ने कहा, ”ग्रोथ में गिरावट आंतरिक और बाहरी वजहों से हैं” उन्होंने कहा कि सरकार हालात से वाकिफ है और बैंकों के मेगा मर्जर समेत कई कदम उठाए हैं.

RBI ने घटाया है ग्रोथ अनुमान 

रिजर्व बैंक ने जून महीने की अपनी नीतिगत समीक्षा में वित्त वर्ष 2019-20 के जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया था. आरबीआई ने कहा था कि ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए डिमांड को बूस्ट देना जरूरी है. बता दें, चीन की आर्थिक विकास दर अप्रैल-जून 2019 में घटकर 6.2 फीसदी पर आ गई. जोकि 27 साल में सबसे कम रही.

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