पीएम की चेतावनी गई बेकार, अहम बिल पेश होने के दौरान फिर गायब रहे भाजपा के सौ सांसद

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नई दिल्ली। नई लोकसभा के पहले सत्र के पहले ही दिन से सांसदों को संसद की कार्यवाही में अनिवार्य रूप से दिलचस्पी लेने की पीएम की ओर से मिल रही हिदायत परवान नहीं चढ़ रही। इस संबंध में सलाह, नसीहत और अंत में चेतावनी देने के बावजूद शुक्रवार को अहम बिल पेश होने के दौरान भाजपा के करीब सौ सांसद सदन में मौजूद नहीं थे। गौरतलब है कि इसी हफ्ते संसदीय दल की बैठक में सांसदों मंत्रियों को पीएम ने कड़ी फटकार भी लगाई थी। इसके अलावा मंत्रियों का रोस्टर भी मांगा था।

शुक्रवार को सरकार की ओर से 4 अहम बिल पेश किए जाने थे। इनमें सूचना का अधिकार संशोधन और मानवाधिकार संरक्षण संशोधन बिल पर विपक्ष पहले ही कई बार आपत्ति दर्ज करा चुका था। विपक्ष के तेवर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने सूचना का अधिकार संशोधन बिल को पेश होने से रोकने के लिए मतविभाजन मांग लिया। इस दौरान हुए मतदान में बिल के पक्ष में 224 तो कई विपक्षी दलों के वाकआउट के कारण विरोध में महज 9 मत पड़े।

संख्या बल की दृष्टि से देखें तो वर्तमान लोकसभा में भाजपा के 303 तो राजग के 353 सदस्य हैं। इस हिसाब से राजग के 129 सदस्य इस दौरान सदन में नहीं थे। भाजपा सूत्रों के मुताबिक इनमें अकेले गैरहाजिर रहने वाले पार्टी सांसदों की संख्या करीब सौ थी।

कई बार चेता चुके हैं मोदी
सत्र शुरू होते ही पीएम मोदी ने अलग-अलग मंचों पर संसद में उपस्थिति के लिए मंत्रियों-विधायकों को चेताया था। संसदीय दल की बीती 3 बैठकों में पीएम ने इसके लिए सांसदों-मंत्रियों को आगाह किया है। इसके अलावा सांसदों के अलग-अलग 7 समूहों से मुलाकात में भी पीएम ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने का सुझाव, नसीहत और चेतावनी तक दी है।

 

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