Diwali 2019 : दीपावली पर स्वदेशी सजावटी सामान लोगों की पहली पसंद, सजावट के ये सामान बाजार में नए

Spread the love

नई दिल्ली/ मुम्बई। दीपावली के नजदीक आने के साथ बाजार गुलजार हो गए हैं। सजावटी सामान झालर, रंग बिरंगे आर्टिफिशियल फूल, लैप, आर्टिफिशियल रंगोली के आइटम समेत तमाम सामानों की दुकानें सज गई हैं। रिटेल के दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल स्वदेशी सजावटी सामानों की मांग ज्यादा थी। जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष तौर पर ऑडर देकर सजावटी सामानों को बनवाया गया है। वैसे तो दीपावली अभी छह दिन और धनतेरस चार दिन है। लेकिन बाजार में सजावटी सामानों की मांग अभी से बढ़ गई है।

नए देशी सजावटी आइटम ज्यादा पसंद किए जा रहे

नई दिल्ली के चांदनी चौक में पिछले 20 सालों से सजावटी सामान बेचने के व्यवसाय से जुड़े गोपाल भाटिया बताते हैं कि इसबार दीपावली के मौके पर सजावटी समानों में नए आइटम ज्यादा पसंद किए जा रहे है। इनमें कांच के बने आइटम, कैंडिल, इलेक्ट्रिक दीपक जलाने के लिए डलिये, सतरंगी लैप, तोरण के नए डिजाइन आदि शामिल हैं।

आर्टिफिशियल फूल से बनी रंगोली की मांग बढ़ी

गोपाल भाटिया बताते हैं कि दीपावली पर आर्टिफिशियल फूलों की रंगोली का क्रेज सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। जिसे ध्यान में रखते हुए इसबार बाजार में आर्टिफिशियल फूलों से बने रंगोली लाए गए हैं। वह इसकी खासियत बताते हुए कहते है कि पहले मिट्टी के रंगोली पाउडर आते थे जिनका रंग इतना खिल कर नहीं दिखता था। लेकिन आर्टिफिशियल फूलों से बनी रंगोली देखने में बेहद सुंदर लगती है। सस्ते और गुणवत्ता अच्छी होने के कारण “देशी टोकरी” (Deshi Tokri) ब्रांड के आर्टिफिशियल रंगोली की मांग मार्किट में सबसे ज्यादा है।

इस बार देश में ही बनाए गए हैं ज्यादातर सजावटी सामान

दुकानदारों की माने तो दीपावली के मद्दे नजर बाजार में बिक रहे सजावटी सामानों में ज्यादातर देश में ही भोपाल, इंदौर, जयपुर, केरल, लखनऊ और अमृतसर में बने हैं। स्वदेशी सजावटी सामानों की मांग के चलते स्थानीय लोगों को भी रोगजार मिल रहा है। उन्होंने बताया की स्वदेशी सजावटी सामान चीन के सजावटी सामानों पर भारी पड़ रहे है। लोग घरों को सजाने के लिए सबसे पहले देश में ही बने सजावटी सामान मांग रहे हैं।

परंपरा बरकार, इस बार भी जलेंगे मिट्टी के ही दिये

मुम्बई के क्रॉफोर्ड के व्यापारी अनिल गायकवाड़ ने बताया कि पिछले कुछ सालों में डिजाइनर दियों की पूछपरख मार्केट में बढ़ी है. यही वजह है कि राजस्थान से टेराकोटा के दिए लाकर बेच रहे व्यवसायी मुम्बई सहित पूरे उत्तर भारत में अच्छे बिजनेस की बात कह रहे हैं. 

डिजाइनर दियों के विक्रेता सागर कुमार बताते हैं कि पूरे उत्तर भारत में डिजाइनर दियों की मांग बढ़ी है. पिछले सालों की तुलना में इस बार ज्यादा बिक्री हुई है. पारंपरिक मिट्टी के दियों के विक्रेता ध्रुपत देवांगन कहते हैं कि पूजा के लिए लोग इन्हीं दियों की मांग करते हैं. मूल्य भी कम होने के कारण ज्यादा मात्रा में इसकी बिक्री होती है.

दिवाली के पहले ई-कॉमर्स कंपनियां स्वदेशी प्रोडक्ट पर कर रही फोकस

दीपावली में महासेल के जरिये ग्राहकों को लुभाने वाली ई कॉमर्स कंपनियां इस बार एक माह पहले ही बंपर छूट का तोहफा देने की तैयारी में हैं। इस महासेल में स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए फ्लिपकार्ट (Flipcart) और मीशो (Meesho) जैसी ई कॉमर्स कंपनियों ने दिवाली के मौके पर बिकने वाले आर्टिफिशियल रंगोली, फैंसी लाइट्स, गिफ्ट, मिट्टी के दीये और डेकोरेटिव आइटम को प्राथमिकता दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *