Handwara Encounter: दो आतंकी ढेर, अब तक पांच जवान शहीद; तीन दिन से जारी है मुठभेड़

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श्रीनगर। हंदवाड़ा के बाबागुंड में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच शुक्रवार से चल रहा एनकाउंटर आज तीसरे दिन भी जारी है। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के तीन जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो जवान अब तक शहीद हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है।

आतंकी अभी भी रुक-रुक कर गोलीबारी कर रहे हैं। इस दौरान सीआरपीएफ के एक सहायक कमाडेंट समेत आठ अन्य सुरक्षाकर्मी जख्मी भी हो गए हैं। क्रास फायरिंग की चपेट में आकर एक नागरिक की भी मरने की खबर है। इस दौरान आतंकी समर्थक तत्वों और सुरक्षाबलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में सात लोग जख्मी हुए हैं। प्रशासन ने इलाके में मोबाइल इंटरनेट बंद करने के साथ सुरक्षा भी बढ़ा दी है।

शहीद सुरक्षाकर्मियों में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर पिंटो और कास्टेबल विनोद के अलावा राज्य पुलिस के दो कर्मी नसीर अहमद और मुस्तफा शामिल हैं। क्रास फायरिंग की चपेट में आकर मारे गए नागरिक की पहचान वसीम अहमद मीर के रूप में हुई है। वह सेगीपोरा (सोपोर) का रहने वाला है।

बाबगुंड गाव में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर गुरुवार रात करीब आठ बजे सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर ली। आधी रात के बाद करीब एक बजे सुरक्षाबल जब गाव के भीतरी हिस्से में आगे बढ़ रहे थे तो अचानक एक मकान में छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी।

संबंधित पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों को कई बार सरेंडर के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने गोलिया चलाना जारी रखा। शुक्रवार सुबह सात बजे आतंकियों की तरफ से गोलीबारी पूरी तरह बंद हो गई। उनका ठिकाना बना मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे में दबे आतंकी ने फायरिग : स रक्षाबलों ने आतंकियों को मरा समझकर जैसे ही मुठभेड़ में नष्ट मकान में दाखिल होकर शव निकालने की कार्रवाई शुरू की। तभी मलबा हटते ही उसके नीचे दबे दो आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी।

अचानक हुई इस फायरिंग में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर समेत चार सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, अन्य जवानों ने तुरंत अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। लेकिन तब तक आतंकियों ने एक अन्य मकान में शरण ले ली। इस दौरान घायल सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चारों सुरक्षाकर्मियों ने दम तोड़ दिया।

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