‘प्रचंड मोदी लहर’ पर सवार भाजपा ने किया 300 पार, कांग्रेस की करारी हार

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नयी दिल्ली। देश भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘प्रचंड लहर’ पर सवार भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद, हिंदू गौरव और ‘नये भारत’ के मुद्दों पर लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करके लगातार दूसरी बार केंद्र में सरकार बनाने जा रही है। जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद मोदी देश के तीसरे और पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री है जो लोकसभा में लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायेंगे। इसके साथ ही उन्होंने दूसरी बार इस धारणा को धराशाही कर दिया कि केन्द्र की सत्ता में अब गठबंधन का दौर शायद ही खत्म हो। चुनाव आयोग द्वारा जारी मतगणना के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस के 50 सीटों तक ही सिमटने के ही आसार नजर आ रहे हैं। भाजपा की लहर इतनी प्रचंड थी कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने परिवार के गढ अमेठी में स्मृति ईरानी से हार गए हालांकि वह केरल में वायनाड से जीत गए। इस चुनाव ने 68 बरस के नरेंद्र दामोदरदास मोदी को पिछले कई दशकों में सबसे लोकप्रिय नेता बना दिया। चुनाव आयोग द्वारा जारी मतगणना के आंशिक आंकड़ों के अनुसार भाजपा इस बार 2014 से बेहतर प्रदर्शन करके 300 का आंकड़ा पार करने जा रही हैं।

रात 11.30 तक भाजपा ने 542 में से 339 सीटें जीत ली है और 4 सीटों पर आगे हैं। सात चरण में हुए मतदान में जनता ने विपक्षी गठबंधन को नकार दिया है और कांग्रेस पार्टी ने 27 सीटें जीती है जबकि सिर्फ 24 पर आगे है। कांग्रेस का खाता 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में खुलता नहीं दिख रहा जिनमें दिल्ली, गुजरात, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरूणाचल प्रदेश, ओडिशा,त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, दमन दीव, दादर नगर हवेली और चंडीगढ शामिल हैं। मोदी वाराणसी में चार लाख 79 हजार 505 वोट से जीत गए जबकि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह गुजरात में गांधीनगर लोकसभा सीट पर साढे पांच लाख वोट से विजयी रहे हैं। मतदान के आखिरी चरण में ‘अबकी बार 300 पार’ का भाजपा का नारा सही साबित होता दिख रहा है । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ‘चौकीदार चोर है ’ के नारे का मतदाताओं पर कोई असर हुआ नहीं दिखता। इन नतीजों से गांधी के नेतृत्व और उनकी पार्टी के भविष्य पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अंतिम नतीजों तक रूझान यही रहते हैं तो भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन में उसके सहयोगी 350 सीट जीत जायेंगे जबकि 2014 में उन्होंने 336 सीटें जीती थी। भाजपा ने पिछली बार खुद 282 सीटें जीती थी। यह नतीजे पिछले पांच साल में मोदी की लोकप्रियता, उनकी सरकार की उपलब्धियों और उनके चुनाव अभियान पर मुहर लगाते हैं। बालाकोट हवाई हमले के बाद भाजपा का पूरा चुनाव अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदूत्व पर केंद्रित था। उन्होंने वंशवादी राजनीति और देश की हालत के लिये कांग्रेस पार्टी को दोषी ठहराया। विरोधी दलों ने भाजपा के अभियान को धुव्रीकरण और तोड़ने वाली राजनीति से प्रेरित बताया था। इसके बावजूद रूझानों से तय हो गया कि देश भर में मोदी की लहर थी और पार्टी के शानदार चुनाव प्रबंधन ने भौगोलिक, जातिगत, उम्र, लिंग और आर्थिक स्थिति के तमाम बंधनों को तोड़ डाला। उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से मिली चुनौती के बीच भाजपा 80 में से 62 सीटों पर आगे है। सपा छह और बसपा 11 सीटों पर आगे है । भाजपा ने पिछली बार उत्तर प्रदेश में 71 सीटें जीती थी लेकिन इस बार भी उसका प्रदर्शन तमाम एक्जिट पोल के अनुमानों से बेहतर है।

 

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