Railway Privatisation: निजी हाथों में दी जा सकती हैं 150 पैसेंजर ट्रेनें, जल्द घोषणा संभव

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नई दिल्ली। दिल्‍ली-लखनऊ रूट पर कार्पोरेट ट्रेन तेजस के संचालन के बाद अब ऐसा लगता है जैसे इंडियन रेलवे तेजी से निजीकरण की ओर अग्रसर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को नीति आयोग और रेलवे के बीच हुई अहम बैठक में 150 पैसेंजर ट्रेनों को निजी हाथों ने देने पर विचार किया गया। कहा जा रहा है कि इस पर सहमति बन गई है और सरकार की ओर से जल्द घोषणा की जाएगी। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले खबर थी कि इंडिगो ट्रेन का संचालन शुरू करने के लिए अब यह कंपनी तैयार है। स्पाइसजेट भी विचार कर रही है। इसके अलावा इसके हॉस्पिटेलिटी यानी आतिथ्य उद्योग में कुछ ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनियों खासकर MakeMyTrip ने भी रुचि दिखाई है।

रेल मंत्रालय के के मुताबिक, कुछ प्रतिष्ठित निजी एयरलाइन कंपनियों ने ट्रेन संचालन में रुचि दिखाई है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विमानन कंपनियों के नाम के बारे में पूछे जाने पर सूत्र ने आगे बताया कि स्पाइसजेट और इंडिगो दो निजी एयरलाइन कंपनियां हैं जिन्होंने ट्रेन संचालन में रुचि दिखाई है। सूत्र ने कहा कि भारतीय रेलवे ने भारतीय रेलवे के निजीकरण के संबंध में पूछताछ की है। असल में, कुछ ट्रैवल पोर्टल ऐसे हैं जिन्‍होंने रेलवे के संचालन में भी रुचि दिखाई है। नाम न छापने की शर्त पर, रेल मंत्रालय में तैनात एक वरिष्ठ भारतीय रेलवे अधिकारी ने कहा कि कुछ बड़े यात्रा पोर्टल भारतीय रेलवे में शामिल होना चाहते हैं। अभी इसमें उन्होंने केवल MakeMyTrip के नाम का खुलासा किया है।

इस तरह की प्रतिक्रिया मिलने के बाद रेलवे में अब नए उत्‍साह का संचार है। रेलवे ने अब उन रूट्स के बारे में मंथन करना शुरू कर दिया है जहां निजी फर्मों द्वारा संचालित ट्रेनों को पेश किया जा सकता है। रेलवे अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे ने निजी ऑपरेटरों के लिए 150 ट्रेन मार्गों को शून्‍य कर रखा है। यानी यहां तो निजी ऑपरेटर्स नहीं आ सके। इसके अलावा लंबी रूट की ट्रेनों में 9 ऐसे रेल मार्ग हैं, जिन्हें निकट भविष्य में निजी खिलाड़ियों द्वारा संचालित किया जा सकता है। इनमें दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-चेन्नई, दिल्ली-हावड़ा आदि ट्रेन रूट शामिल हैं।

भारतीय रेलवे आठ महीने का ट्रायल कर रही है, जिसमें उसने लखनऊ-दिल्ली रूट पर तेजस एक्सप्रेस चलाने के लिए IRCTC को अवसर दिया था। IRCTC ने गत 4 अक्टूबर को अपने ट्रेन संचालन का सफल आगाज किया। अबसे करीब 8-10 महीनों के बाद, हो सकता है निजी संचालन करने वालों को उनके पसंदीदा ट्रेन रूट के लिए बोली लगाने के लिए कहा जाए।

गौरतलब है कि पिछले सप्‍ताह देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस आखिरकर सफलतापूर्वक पटरी पर चली थी। यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने लखनऊ रेल्‍वे स्‍टेशन से तेजस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। पहले सफर में चार सौ यात्री शामिल हुए थे। इस ट्रेन में एयरक्राफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं थीं। यह ट्रेन लखनऊ से दिल्‍ली के लिए रवाना हुई थी। इसका संचालन IRCTC (इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के ही हाथों में है। इसकी तैयारियां चार महीने पहले से आकार लेने लगी थीं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ट्रेन लोको पायलट से लेकर क्रू स्‍टाफ में महिलाएं ही शामिल हैं।

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