फिर सर्जिकल स्ट्राइक का डर, पाक ने LoC के पास रहने वालों के लिए जारी की अडवाइजरी

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नई दिल्ली। पुलवामा आतंकी हमले पर भारत की चेतावनी के बाद पाकिस्तान अलर्ट है। गुरुवार को एक तरफ देश के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की तो कुछ समय बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक कर सेना को अलर्ट कर दिया गया। अब खबर है कि पाकिस्तान सरकार ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब रहने वाले गांव के लोगों को सतर्क रहने को कहा है। इस बाबत प्रशासन की ओर से बाकायदा अडवाइजरी जारी की गई है।

दरअसल उरी हमले के बाद भारतीय सैनिकों ने पीओके में घुसकर आतंकियों के कई ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान की शह पर पल रहे कई आतंकी ढेर हो गए थे। अब शायद पाकिस्तान को एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक या हवाई हमले का डर सता रहे हैं। नुकसान कम हो, इससे बचने के लिए वह पहले से ही ऐहतियात बरतना चाहता है। हाल ही में खबर आई थी कि उसने बॉर्डर पर आतंकी कैंपों को भी खाली करा लिया था।

पीओके में अलर्ट रहने की सलाह
भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब पाक प्रशासन की ओर से जारी अडवाइजरी में कहा गया है कि LoC के करीब रहने वाले गांववाले अलर्ट रहें। आपको बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही भारत में गम और गुस्से का माहौल है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी साफ कर दिया है कि भारतीय सुरक्षा बलों को खुली छूट दे दी गई है, वे अपने हिसाब से इस हमले में शामिल लोगों को सजा देंगे। इस आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे।

अडवाइजरी में पाक ने क्या दी सलाह?
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले लोगों से आने-जाने के लिए सुरक्षित रास्ते जैसे ऐहतियाती उपाय करने को कहा गया है। लोगों से कहा गया है कि वे खास जगहों के आसपास समूह में जमा न हों और बंकर भी न बनाएं। इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे LoC के पास के रास्तों पर बिना वजह न जाएं और रात के समय अनावश्यक रूप से लाइट न जलाएं।

‘सीमा के पास पशुओं को न चराएं’
हालांकि इस अडवाइजरी में पीओके में 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि यह जरूर कहा गया है कि भारत ‘सेम ऐक्टिविटी’ दोहरा सकता है, जिससे स्थानीय लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। लोगों से कहा गया है कि वे नियंत्रण रेखा के करीब पशुओं को न चराएं।

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