मोदी सरकार 2.0 के एक्शन में आते ही घबराया पाक, विदेश मंत्री ने लगाई बातचीत की गुहार

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नई दिल्ली। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने नए भारतीय समकक्ष एस जयशंकर को शुक्रवार को एक पत्र में कहा कि उनका देश ‘सभी महत्वपूर्ण मुद्दों’ पर भारत के साथ बातचीत चाहता है और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों को लेकर वह प्रतिबद्ध है. वहीं पुलवामा हमले के बाद से भारत का रुख पाकिस्तान के प्रति बहुत कड़ा रहा है. हाल ही में भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान के बीच 13-14 जून को बिश्केक में होने वाले शंघाई कॉपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट के दौरान किसी भी द्विपक्षीय बातचीत की संभावना से इनकार कर दिया था.

कुरैशी ने विदेश मंत्री का कार्यभार संभालने पर एस जयशंकर को बधाई देने के लिए यह पत्र लिखा है. पूर्व विदेश सचिव जयशंकर ने 30 मई को विदेश मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया. डॉन समाचार पत्र ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया कि कुरैशी ने पत्र में जयशंकर से कहा, ‘इस्लामाबाद नयी दिल्ली के साथ सभी महत्वपूर्ण मामलों पर बातचीत करना चाहता है और इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध है.’

पुलवामा हमले के बाद कई बार पाक ने की है बातचीत की गुजारिश
पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया. भारत के सैन्य विमानों द्वारा 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर को भारत ने हमला कर ध्वस्त कर दिया था.

इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए एक साथ काम करने की इच्छा व्यक्त की थी. उस वक्त भी पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने से पहले आतंकवाद को खत्म करने की बात कही थी.

चीन-रूस के राष्ट्रपतियों से इस दौरान मिलेंगे प्रधानमंत्री
पीएम मोदी और इमरान खान दोनों ही 13 और 14 जून को शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होंगे. इस दौरान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पीएम मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. उनका इमरान खान के साथ बातचीत का कोई कार्यक्रम नहीं है. भारत ने पाकिस्तान की वार्ता की पेशकश को अस्वीकार कर दिया है, और उसका कहना है कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते.

पाक विदेश सचिव के भारत आने से लग रहे थे बातचीत के आसार
पाकिस्तान के विदेश सचिव और पहले भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके सोहेल महमूद भारत आए हुए हैं. महमूद निजी यात्रा पर हैं. दरअसल अभी उनका परिवार यहीं पर हैं. वह इस बार अपने परिवार को वापस ले जा सकते हैं. बुधवार को ईद के मौके पर उन्हें जामा मस्जिद में नमाज पढ़ते देखा गया था. जिसके बाद दोनों देशों के बीच संबंध सुधरने और दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने के कयास लगाए जा रहे थे.महमूद की यात्रा के बाद कयास थे कि दोनों देशों के बीच पुलवामा हमले और बालाकोट की एयर स्ट्राइक के बाद बातचीत की शुरुआत हो सकती है, लेकिन अब भारत की ओर से इसकी कोई उम्मीद नहीं है. ऐसे में पाकिस्तानी विदेश मंत्री अब पत्र लिखकर भारत से संबंध सुधारने की गुजारिश कर रहे हैं.

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