पीएम मोदी ने नामुमकिन को मुमकिन किया : योगी आदित्यनाथ

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चुनावी रणभेरी बजने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जो विपक्ष के लिए नामुमकिन था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे मुमकिन किया। उन्होंने बसपा-सपा गठबंधन पर तंज करते हुए कहा कि बुआ का जीरो और बबुआ का पांच का मतलब जीरो ही है। सपा-बसपा का गठबंधन भ्रष्ट और महामिलावट वाला है। गणित का फार्मूला बताते हुए योगी ने कहा कि जीरो से गुणा करने पर जीरो ही आता है। इसी तरह सपा के पांच को बसपा के जीरो से मल्टीप्लाई करने पर जीरो ही आएगा। योगी ने कहा कि आतंकवादियों को बिरयानी खिलाने वाले आज सेना के शौर्य का सबूत मांग रहे हैं। कुछ लोग रमजान को चुनाव से जोड़कर ओछी राजनीति कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है। रमजान मनाने के साथ लोग मतदान भी करेंगे।

मुसलमान रमजान मनाएं

सीएम ने कहा कि मुसलमान रमजान मनाएं, उन्हें रमजान मनाने से कौन रोक रहा है। पर्व और त्यौहार भारत की संवैधानिक परंपरा के हिस्सा हैं। चुनाव प्रचार आप दिन भर कर सकते हैं। इसमें कहां से पर्व और त्यौहार आड़े आते हैं। ये देश का दुर्भाग्य है कि इतनी संकीर्ण मानसिकता के साथ कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा ओछी राजनीति की जा रही है। भाजपा गठबंधन मोदी के नेतृत्व में इस चुनाव को प्रचंड बहुमत से जीतेगा। उत्तर प्रदेश 74 प्लस के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ेगा, अमेठी और आजमगढ़ को भी भाजपा जीतेगी।

सपा-बसपा को जनता दिखाएगी ठेंगा 

यूपी जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति से उब चुका है। 2014 में सपा यहां सत्ता में थी, तब उनकी क्या हुई थी, ये हर व्यक्ति जानता है। 2017 में भी दो लड़के यूपी में आए थे, उन्होंने जनता को बरगलाने के लिए बहुत नारे दिए थे, जनता ने उनके अराजक और काले कारनामों को ठेंगा दिखा दिया था। उन्होंने कहा कि आज बुआ और बबुआ एक साथ एक मंच पर आए हैं, सभी को पता है ये भ्रष्टाचार और अराजकता का गठबंधन है। जनता इस प्रकार की किसी भी महामिलावट को स्वीकार नहीं करेगा।

संगठन तय करेगा किसे मिलेगा टिकट 

जिन सांसदों का रिपोर्ट कार्ड ठीक नहीं है, उनके टिकट काटने की बात पर योगी ने कहा कि इस पर हम लोग अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। अभी इस पर चर्चा हो रही है। भाजपा, सरकार और संगठन के साथ बेहतर तालमेल के साथ आगे बढ़ रही है। संगठन ने जो रणनीति पूरे प्रदेश में बनाई है, उस रणनीति के बारे में चर्चा करने के लिए हम लोग बैठे थे, अलग-अलग सीटों पर क्या स्ट्रेटजी हो सकती है, इन पर चर्चा करने के लिए हम लोगों की बैठकें होती रही हैं।

 

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